US Midterm Election 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को करारी शिकस्त मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चुनाव नतीजों को अमेरिका के इतिहास में एक बड़ा झटका बताया और कहा कि देश इस परिणाम के साथ पीछे चला गया है। ट्रंप ने शेयर बाजार में एक दिन में 3 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान का भी जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिका पहले से ज्यादा मजबूत होकर वापसी करेगा।
ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "पिछले चुनाव के नतीजों के साथ अमेरिका इतिहास में एक बड़ा कदम पीछे चला गया। ट्रंप के नेतृत्व में रॉकेट की तरह आगे बढ़ रहा शेयर बाजार भी एक दिन में 3 ट्रिलियन डॉलर गंवा बैठा।" उन्होंने आगे कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, अमेरिका पहले से ज्यादा बड़ा और मजबूत होकर लौटेगा।
मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने पलटा पासा
3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बढ़त हासिल की। इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण खत्म हो गया। यह नतीजा राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में कई रैलियां की थीं।
ट्रंप ने चुनाव से पहले अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे इस चुनाव को ऐसे देखें, जैसे वह खुद मैदान में हों। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की जीत का भरोसा भी जताया था। लेकिन नतीजे उम्मीद के उलट रहे।
ट्रंप बोले- मैं बैलेट पर होता तो जीतते
चुनाव नतीजे आने के बाद ट्रंप ने अपनी हार को लेकर कहा था कि अगर वह खुद चुनाव में उम्मीदवार होते, तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीतती। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, "मैं बैलेट पर नहीं था, अगर होता तो हम भारी अंतर से जीतते।" बाद में फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने माना कि उन्हें रिपब्लिकन पार्टी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। उन्होंने अपनी रैलियों में उमड़ी भीड़ का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि पार्टी को ज्यादा सीटें मिलेंगी।
डेमोक्रेट्स के हाथ में अब कांग्रेस की ताकत
अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण से ट्रंप प्रशासन के सामने नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को अहम समितियों का नियंत्रण मिलेगा। इसके जरिए वे सरकारी अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुला सकते हैं, दस्तावेज मांग सकते हैं और प्रशासन के फैसलों की जांच शुरू कर सकते हैं।
वहीं, सीनेट में नियंत्रण मिलने से राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे और उनके द्वारा नियुक्त किए जाने वाले अधिकारियों की मंजूरी पर भी डेमोक्रेट्स का प्रभाव बढ़ेगा। हालांकि, ट्रंप की कार्यकारी शक्तियां बनी रहेंगी और वह कांग्रेस से पारित विधेयकों पर वीटो लगा सकते हैं। राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा।
महंगाई, ईंधन की कीमतें और ईरान युद्ध बने चुनौती
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के पीछे महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें और ईरान के साथ जारी संघर्ष जैसे मुद्दों को भी अहम माना जा रहा है। इन मुद्दों को लेकर ट्रंप प्रशासन को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
