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Dehradun-Delhi Expressway: वन्यजीवों के नाम होगी पुरानी सड़क, नई रोड पर रफ्तार भरेंगी गाड़ियां

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का काम सितंबर 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नई सड़क पर गाड़ियां रफ्तार भरेंगी जबकि पुरानी सड़क को लोगों के आवागमन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस सड़क को वन्यजीवों के नाम कर दिया जाएगा।

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देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे (फोटो साभार - ट्विटर)

Dehradun-Delhi Expressway: देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे की पुरानी सड़क वन्यजीवों के नाम हो गई है। इस सड़क पर इंसानों की नहीं बल्कि जंगली जानवरों की आवाजाही होगी। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद नई सड़क पर वाहन रफ्तार भरेंगे तो वहीं पुरानी सड़क पर लोगों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। इसको वन्यजीवों के लिए छोड़ दिया जाएगा। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का काम तेजी से हो रहा है। इस परियोजना का उत्तराखंड की ओर वाला 3.60 किमी हिस्सा मार्च 2024 तक पूरा बन जाएगा, जिसके बाद इस परियोजना का काम सितंबर 2024 तक पूरा होने की संभावना है। जिसके बाद देहरादून और दिल्ली के बीच का सफर मात्र ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

पुरानी सड़क को वन जैसा बनाने का प्रस्ताव

सोमवार को एफआरआई में सुप्रीम कोर्ट की ओवरसाइट कमेटी की बैठक हुई थी। जिसमें कमेटी के सदस्यों के अलावा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी, यूपी और उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारी भी शामिल थी। जिसमें पुरानी सड़क को वन क्षेत्र में बदलने को लेकर सदस्यों की ओर से विचार सामने आया। जिसे सभी लोगों ने अपना मत देकर सर्वसम्मति से पास कर दिया। हालांकि इस पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है।

वन जैसी दिखेगी पुरानी सड़क

पुरानी सड़क पर ईको रेस्टोरेशन के तहत कार्य होगा। इसे वन की शक्ल जैसा बनाया जाएगा, इसके लिए रोड पर हरियाली बढ़ाने का काम किया जाएगा। इसके लिए चाल-खाल, गड्ढे, कैचमैंट डैम आदि चीजें बनाई जाएंगी। जिसपर वन्यजीव स्वतंत्र रूप से घूम सकेंगे। इस कार्य के लिए 36 करोड़ 52 लाख के बजट का प्रावधान किया गया है। इस सड़क को वन जैसा बनानी की जिम्मेदारी एनएचएआई ने डीएफओ देहरादून और सहारनपुर को सौंपी गई है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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