Gujarat News: समंदर की खामोशी के पीछे छुपी एक बड़ी साजिश का आखिरकार कानूनी अंत हो गया। करीब चार साल पुराने 380 करोड़ रुपये की हेरोइन तस्करी मामले में आज कच्छ की स्पेशल NDPS कोर्ट ने 6 पाकिस्तानी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सख्त कैद और प्रत्येक पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब गुजरात ATS को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से “अल हुसैनी” नाम की नाव के जरिए भारी मात्रा में हेरोइन भारत भेजी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह खेप कच्छ के जखौ तट से करीब 35 नॉटिकल माइल दूर समुद्र में रात के अंधेरे में डिलीवर की जानी थी।
ATS और कोस्ट गार्ड का ऑपरेशन
सूचना के आधार पर ATS और कोस्ट गार्ड ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया और 18 दिसंबर से ही समुद्र में निगरानी शुरू कर दी गई। 20 दिसंबर की तड़के करीब 2:30 बजे रडार पर एक संदिग्ध नाव दिखाई दी, जिसे तुरंत घेर लिया गया। तलाशी के दौरान नाव में सवार 6 पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया और उनके पास से 5 बड़े बैग में छुपाकर रखी गई करीब 76.936 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 384.68 करोड़ रुपये आंकी गई। बिना किसी वैध परमिट के लाई जा रही यह खेप देश में बड़े पैमाने पर नशे का जाल फैलाने की साजिश का हिस्सा थी।
केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की
मामले की जांच के बाद ATS ने NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में लंबी सुनवाई चली, जिसमें अभियोजन पक्ष ने 203 दस्तावेजी सबूत और 13 गवाह पेश किए। सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद अदालत ने माना कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से भारत में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर युवाओं को निशाना बनाने और देश की आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने की कोशिश की थी। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार सभी आरोपी कराची (पाकिस्तान) के निवासी हैं:
- मोहम्मद इमरान मोहम्मद तारीक वाघेर (31)
- दानिश मोहम्मद हुसैन कच्छी वाघेर (24)
- सागर मोहम्मद कच्छी वाघेर
- इस्माइल इब्राहिम बडाला (75)
- मोहम्मद साजिद मोहम्मद हुसैन याकूब लाला कुंगरा (24)
- अशफाक मोहम्मद इशाक वाघेर (26)
20 साल की कैद और जुर्माना
ATS ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धाराओं- 8(c), 22(c), 25, 29 लगाई है। कोर्ट में 203 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए। इसके साथ ही 13 गवाहों की गवाही हुई और अभियोजन पक्ष की ओर से मुख्य जिला सरकारी वकील एच.बी. जाडेजा ने दलीलें रखीं। कच्छ के स्पेशल NDPS कोर्ट (छठा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश) ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया और 20 साल की सख्त कैद, प्रत्येक पर ₹2,00,000 का जुर्माना की सजा सुनाई।
