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Ayodhya News: राम मंदिर के आसपास नहीं बनेंगी ऊंची इमारतें, सिर्फ इतने मीटर होगी बिल्डिंग की हाइट

उत्तर प्रदेश में अयोध्या विकास प्राधिकरण ने राम मंदिर के आसपास ज्यादा ऊंचाई वाले भवन बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्राधिकरण ने ऐसे स्थान पर सूचना बोर्ड लगाकर सूचना दी है कि रामनगरी में राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ संपूर्ण अयोध्या जिले में हजारों करोड़ों रुपए की सैकड़ो परियोजना में वर्तमान में चल रही है।

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अयोध्या राम मंदिर

अयोध्या : अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने मास्टर प्लान-2031 के तहत राम मंदिर के आसपास ऊंची इमारतों के निर्माण पर रोक लगा दी है। एडीए ने यह कदम राम मंदिर की सौंदर्य और आध्यात्मिक पवित्रता को बनाए रखने के प्रयास में उठाया है। अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में पिछले वर्ष 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गयी थी। तबसे मंदिर निर्माण के विस्तार और अन्य योजनाओं पर लगातार काम चल रहा है।

एडीए ने लगाए नोटिस बोर्ड

एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि अयोध्या विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2031 के तहत राम मंदिर के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है और राम मंदिर के आसपास ऊंची इमारतों के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। एडीए ने अयोध्या में विभिन्न स्थानों पर नोटिस बोर्ड लगाना शुरू कर दिया है, जिसमें नए नियमों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चेतावनी दी गई है। इन प्रतिबंधों का मतलब है कि राम मंदिर के पास कोई नयी ऊंची इमारत बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्विनी पांडेय ने बताया कि नए दिशा-निर्देश मंदिर से निकटता के आधार पर इमारतों की ऊंचाई की सीमा निर्धारित करते हैं।पांडेय ने कहा कि दो किलोमीटर की पहली परिधि में इमारत की ऊंचाई केवल सात मीटर और चार किलोमीटर की दूसरी परिधि में 15 मीटर की ऊंचाई की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राम मंदिर का दृश्य निर्बाध रहे और आसपास का विकास पवित्र स्थल के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप हो।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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