कांग्रेस आज यानी मंगलवार 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस ने सरकार के सामने 6 मांगें रखी हैं। यह 6 मांगें लगभग वहीं हैं, जो CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर धरना देकर सरकार से कर रही है।
कांग्रेस ने सरकार के सामने रखी ये 6 मांगें
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
- संसद में
NEET मुद्दे पर चर्चा हो - गृह मंत्री कल यानी सोमवार को जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर सदन में बयान दें
- लाठीचार्ज की स्वतंत्र जांच कराई जाए
- घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए
- छात्रों को मुआवजा दिया जाए
इधर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।'
पवन खेड़ा का पार्टी कार्यकर्ताओं को आह्वान
इस बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का कहना है कि हमारी पार्टी के नेता और हम लोग यहां से हिलने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, दिन हो या रात, नरेंद्र मोदी को बाहर आना पड़ेगा। पूरी कांग्रेस पार्टी में जो जहां है, यहां आए और धरने पर बैठ जाएं, नहीं हिलेंगे, जब तक न्याय नहीं मिलेगा। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित का कहना है कि विपक्ष के नेता भारतीय युवाओं की चिंताओं को उठा रहे हैं।
पीएम आवास तक पहुंचने की कांग्रेस की गुप्त रणनीति
इससे पहले आज मंगलवार 22 जुलाई को राहुल गांधी सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंच गए। कांग्रेस ने पीएम आवास के बाहर धरने की योजना को बेहद गोपनीय रखा था। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस सांसदों को पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाया गया। वहीं से सभी को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले के साथ पीएम आवास की ओर बढ़ने के निर्देश दिए गए।
सूत्रों के मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन के कार्यक्रम में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कार्यक्रम खत्म होते ही सभी सीधे प्रधानमंत्री आवास पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
