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Mumbai News : भिवंडी में फूड पॉइजनिंग से 80 लोगों की हालत बिगड़ी, हॉस्पिटल में भर्ती

हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया कि सभी को पेट में दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण हैं। भर्ती होने वालों में 8 बच्चे भी हैं। सभी लोगों का कहना है कि एक-दो दिन पहले उन्होंने भिवंडी की एक फूड शॉप से कुछ फूड आइटम्स खाए थे।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

भिवंडी : महाराष्ट्र के भिवंडी में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में अलग-अलग परिवारों के 80 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं। फूड पॉइजनिंग के कारण सभी लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और सिरदर्द की शिकायत है। इस क्रम में गंभीर हालत में 11 लोगों को इंदिरा गांधी मेमोरियल (आईजीएम) अस्पताल में एक दिन पहले भर्ती कराया गया था, लेकिन अब ये आंकड़ा अब 80 तक पहुंच गया है।

मामले की सूचना मिलने के बाद शांति नगर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ आईजीएम अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों के बयान दर्ज कराए थे। इसी दौरान आईजीएम हॉस्पिटल की चीफ मेडिकल ऑफिसर माधुरी पनहारे का कहना है कि सभी मरीजों का निरीक्षण किया गया है, सभी लोग खतरे से बाहर हैं।

पेट में दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण

उन्होंने कहा कि हमारे यहां फिलहाल 80 मरीज भर्ती हैं। सभी को पेट में दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण हैं। भर्ती होने वालों में 8 बच्चे भी हैं। सभी लोगों का कहना है कि एक-दो दिन पहले उन्होंने भिवंडी की एक फूड शॉप से कुछ फूड आइटम्स खाए थे। इन सब लोगों को एक जैसे ही लक्षण हैं। किसी-किसी को बुखार भी है। हालांकि किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। सभी लोगों का उचित इलाज जारी है। कुछ लोगों के सैंपल जांच के लिए भिजवाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, भिवंडी शहर में चिकन शावरमा, पिज्जा और फालूदा खाने से लगभग 34 से 59 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए हैं। यह गंभीर घटना 18-19 जून को भिवंडी के खंडू पाड़ा (खांडूपाडा) इलाके में सामने आई है, जहां एक मशहूर फास्ट फूड आउटलेट से खाना खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ गई। शुरुआत में 11-14 मरीजों को अस्पताल में दाखिल कराया गया था, लेकिन धीरे-धीरे बीमारों का आंकड़ा बढ़कर 80 तक पहुंच गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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