CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि पहचान का गहरा रूपांतरण है। वर्षों तक यह राज्य कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और माफिया के प्रभाव के लिए जाना जाता था, जहां कई बार अपराधियों का दबदबा कानून से भी अधिक दिखता था।
नई दिल्ली में आयोजित CII वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने एक पुरानी घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में एक समय ऐसा भी था जब मुख्य न्यायाधीश के काफिले को सड़क पर रोक दिया गया था, क्योंकि एक माफिया सरगना का काफिला पहले से गुजर रहा था। बाद में उसी माफिया के एनकाउंटर के बाद मुख्य न्यायाधीश ने स्वयं यह अनुभव साझा किया था, जो उस दौर की भयावह स्थिति को दर्शाता है। "वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया" के दौर से लेकर 2018 में शुरू हुए "वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट" तक के सफर पर उन्होंने कहा यह एक बड़ा प्रोग्राम है जो 75 जिलों में खास लोकल क्राफ्ट और इंडस्ट्री को बढ़ावा देता है ताकि गांव में रोजगार बढ़े, इंडस्ट्रियल हब बनें और एक्सपोर्ट बढ़े।
पीएम मोदी की सराहना करते हुए कही ये बात
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को लेकर लोग जुड़ने से भी हिचकते थे, लेकिन आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब तकनीक का इस्तेमाल समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी गई है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंच रहा है। इससे भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगा है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश की प्रगति
मुख्यमंत्री ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में उत्तर प्रदेश की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि जो राज्य कभी 13वें–14वें स्थान पर था, वह अब शीर्ष पर पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि कई उद्योगपति अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित हो रहे हैं और लगभग 7,000 उद्योग यहां स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज का समय औद्योगिक विकास का है और किसी भी देश के लिए अपने उद्योगपतियों की अनदेखी करना संभव नहीं है, क्योंकि आर्थिक विकास और रोजगार आपस में जुड़े हुए हैं।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पुनः प्रतिष्ठा दिवस से जुड़ा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन भारत ने विश्व को अपनी परमाणु क्षमता का परिचय भी दिया था।
