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रील बनाने को लेकर यूपी के जवानों को सीएम योगी की नसीहत, कहा- ये अनुशासनहीनता

सीएम ने कहा, हमें इस बात को ध्यान में रखना है कि हमको जिस कार्य को करना है,उस कार्य के प्रति उतनी ही सतर्कता और गंभीरता भी होनी चाहिए, तब वह गरिमापूर्ण तरीके से परिणाम दे पाएगा।

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पुलिस जवानों को सीएम योगी की नसीहत

Photo : PTI

CM Yogi: सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने नसीहत दी है। सीएम योगी ने एक कार्यक्रम में कहा कि हम लोग अक्सर देखते हैं कि,ड्यूटी के दौरान लोग रील बनाते रहते हैं। यह अनुशासनहीनता का एक हिस्सा है। उस समय हमें अपनी ड्यूटी के प्रति सजग रहना होगा, न कि रील बनाने में व्यस्त रहना है।

कार्य के प्रति सतर्कता और गंभीरता होनी चाहिए

सीएम ने कहा, हमें इस बात को ध्यान में रखना है कि हमको जिस कार्य को करना है,उस कार्य के प्रति उतनी ही सतर्कता और गंभीरता भी होनी चाहिए, तब वह गरिमापूर्ण तरीके से परिणाम दे पाएगा। कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, जो हमें अनावश्यक हंसी का पात्र बनाए, सिस्टम पर अनावश्यक उंगली उठाने का प्रयास होता है, अपने आप कुछ कर नहीं सकते, अनावश्यक सिस्टम पर उंगली उठाते हैं लोग। जिसकी जहां ड्यूटी है, वह कार्य करेगा तो परिणाम अपने आप आएगा, उस परिणाम को लाने के लिए उस टीम भाव के साथ हम सबको आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जून को लखनऊ के लोक भवन सभागार में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र वितरित किए और इसी दौरान यह टिप्पणी की। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के समय रील बनाने से बचने की नसीहत दी ताकि सिस्टम पर कोई उंगली न उठा सके। इसके साथ ही उन्होंने सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने को एक बड़ा पुलिस रिफॉर्म बताते हुए विरोधियों को जवाब दिया।

उत्तर प्रदेश के कुल 7 महानगरों (लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और प्रयागराज) में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। यह सिस्टम लागू होने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति में भी बहुत सुधार आया है और क्राइम रेट गिरा है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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