अमेरिका में एंट्री होगी और मुश्किल। (फोटो- AI)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इमिग्रेशन क्रैकडाउन अब सिर्फ अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वालों तक सीमित नहीं रह गया है। प्रशासन ने कानूनी रास्ते से अमेरिका आने वाले लोगों पर भी सख्ती बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें इमिग्रेंट वीजा जारी करने पर अस्थायी रोक, ‘पब्लिक चार्ज’ नियमों को सख्त करना और बड़ी संख्या में टूरिस्ट व बिजनेस वीजा रद्द करना शामिल है। ऐसे में सवाल है कि आखिर अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है और इसका असर किन लोगों पर पड़ेगा? आइए जानते हैं सभी सवालों के जवाब...
इमिग्रेंट वीजा पर अस्थायी रोक क्यों?
अमेरिकी विदेश विभाग ने अगस्त की शुरुआत से कुछ समय के लिए इमिग्रेंट वीजा जारी करने की प्रक्रिया रोक दी है। इसका मकसद दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों के अधिकारियों को नए नियमों के बारे में प्रशिक्षण देना बताया गया है। यह रोक उन लोगों को प्रभावित कर सकती है जो अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के लिए वीजा का इंतजार कर रहे हैं। खासकर अमेरिकी नागरिकों के माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चों और भाई-बहनों जैसे पारिवारिक आधार पर आवेदन करने वाले लोग इसकी जद में आ सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह रोक अस्थायी है और सितंबर के मध्य तक खत्म होने की उम्मीद है। अगस्त में होने वाले कई इंटरव्यू रद्द नहीं किए गए हैं, बल्कि उन्हें सितंबर, अक्टूबर या नवंबर तक आगे बढ़ाया जा सकता है।‘पब्लिक चार्ज’ नियम क्या है?
ट्रंप प्रशासन की नई नीति का एक अहम हिस्सा ‘Public Charge’ नियम है। इसका सीधा मतलब है कि अमेरिका यह देखना चाहता है कि कोई विदेशी नागरिक भविष्य में अमेरिकी सरकार पर आर्थिक रूप से कितना निर्भर हो सकता है। ऐसे में नियमों को सख्त करते हुए उन लोगों के लिए ग्रीन कार्ड हासिल करना मुश्किल किया जा सकता है जिनके बारे में लगता है कि वे सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकते हैं। इसमें कुछ सरकारी सुविधाएं जैसे फूड स्टांप, मेडिकेड, हाउसिंग वाउचर शामिल हो सकती हैं। यानी अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के इच्छुक व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अब इमिग्रेशन प्रक्रिया में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।क्या सभी इमिग्रेंट वीजा आवेदक प्रभावित होंगे?
इन नये नियमों की कवायद के बीच एक सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि क्या इनसे सभी इमिग्रेंट वीजा आवेदक प्रभावित होंगे? तो इसका जवाब 'ना'में है। इसका असर वीजा की श्रेणी और आवेदक की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। मसलन, ऐसे विदेशी कर्मचारी जिनके पास अमेरिकी नियोक्ता का स्पॉन्सर है और जो अपनी आय साबित कर सकते हैं, उनके लिए ‘पब्लिक चार्ज’ को लेकर जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है। दूसरी तरफ, पारिवारिक आधार पर अमेरिका जाने वाले आवेदकों को अपनी आर्थिक स्थिति और भविष्य में सरकारी सहायता पर निर्भरता को लेकर ज्यादा जांच का सामना करना पड़ सकता है।2 लाख तक B1-B2 वीजा रद्द करने की तैयारी
ट्रंप प्रशासन का दूसरा बड़ा कदम B1 और B2 वीजा से जुड़ा है। B1 वीजा आमतौर पर बिजनेस यात्रा और B2 टूरिज्म या अन्य अस्थायी यात्राओं के लिए इस्तेमाल होता है। ऐसे में अमेरिकी विदेश विभाग ऐसे करीब 2 लाख विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द करने की तैयारी में है, जिन्होंने टूरिस्ट या बिजनेस वीजा पर अमेरिका आने के बाद शरण यानी asylum के लिए आवेदन किया है या अब आवेदन कर रहे हैं। इसको देखने को बाद यह लग रहा है कि अगर यह योजना लागू होती है तो यह अमेरिकी इतिहास में एक साथ सबसे बड़े पैमाने पर वीजा रद्द करने के कदमों में से एक होगी।जिन लोगों ने पहले ही अमेरिका में शरण मांगी है, उनका क्या होगा?
वहीं, एक सवाल यह भी है कि जिन लोगों ने पहले ही अमेरिका में शरण (Asylum)मांगी है, उनका क्या होगा? तो बता दें कि अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में रहकर पहले ही शरण के लिए आवेदन कर चुका है,तो उसके B1/B2 वीजा के रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि उसका शरण का आवेदन अपने आप खत्म हो जाएगा। इसे लेकर जानकारों का कहना है कि ऐसे व्यक्ति के अमेरिका में रहने की स्थिति उसके लंबित असाइलम मामले पर निर्भर करेगी, न कि पुराने टूरिस्ट वीजा पर। इन मामलों का फैसला होने में कई साल भी लग सकते हैं। इसलिए प्रशासन का यह कदम मुख्य रूप से भविष्य में लोगों को टूरिस्ट या बिजनेस वीजा लेकर अमेरिका आने और बाद में asylum मांगने से हतोत्साहित करने वाला संदेश माना जा रहा है।इमिग्रेशन व्यवस्था में बदलाव के पीछे ट्रंप प्रशासन की सोच क्या है?
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से मानता रहा है कि अमेरिका की इमिग्रेशन व्यवस्था का इस्तेमाल लोग स्थायी रूप से बसने के लिए कर रहे हैं,जबकि उन्हें अस्थायी यात्रा के लिए जारी वीजा का इस्तेमाल करना चाहिए। विदेश विभाग के अधिकारियों ने भी कहा है कि असाइलम को इमिग्रेशन कानूनों को दरकिनार करने का रास्ता नहीं बनाया जाना चाहिए।ऐसे में कहा जा सकता है कि ट्रंप प्रशासन की नई रणनीति अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम को कम लोगों को प्रवेश देने और ज्यादा कड़ी जांच करने की दिशा में ले जा रही है। इमिग्रेंट वीजा पर अस्थायी रोक और B1/B2 वीजा रद्द करने की योजना इसी व्यापक नीति का हिस्सा है।