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मेहमान नवाजी में थे व्यस्त, कार में बच्चे को बंद कर भूले घरवाले; दम घुटने से मौत

यूपी के सहारनपुर में कार का लॉक लग जाने से उसमें बैठे बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, बेटी को शादी के लिए देखने वाले दो दिन बाद आने वाले थे, इसलिये परिवार के सभी सदस्य इसकी तैयारी में जुटे हुए थे। परिवार के किसी सदस्य का ध्यान इस बात पर नहीं गया कि अंश कहां है।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : iStock

सहारनपुर : जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में कार के दरवाजे का लॉक लग जाने से उसमें बैठे 11 वर्षीय बच्चे की दम घुटने से मौत हो गयी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन ने बताया कि थाना फतेहपुर के अन्तर्गत ग्राम गंगाली निवासी सुनील का 11 वर्षीय पुत्र अंश बृहस्पतिवार को अपने स्कूल से घर पहुंचा और खाना खाने के बाद वह घर से बाहर खेलने लगा। सुनील की बेटी को शादी के लिए देखने वाले दो दिन बाद आने वाले थे, इसलिये परिवार के सभी सदस्य इसकी तैयारी में जुटे हुए थे। परिवार के किसी सदस्य का ध्यान इस बात पर नहीं गया कि अंश कहां है।

कार में बच्चे को बंद कर भूला परिवार

जैन ने बताया कि देर रात नौ बजे परिजनों को अंश नजर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की गयी। काफी तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने इसकी सूचना थाना फतेहपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना फतेहपुर पुलिस मौके पर पहुंची ओर अंश की तलाश शुरू कर दी। रात दस बजे अंश का शव सुनील की कार से बरामद हुआ। अंश का शरीर बुरी तरह से अकड़ा हुआ था। तुरन्त ही फॉरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।

पुलिस अधीक्षक जैन ने बताया कि आशंका है कि दोपहर के समय अंश घर के बाहर खड़ी कार में बैठ गया और उसी दौरान कार का लॉक लग गया। तेज धूप और कार के शीशे बंद होने के कारण कार में गैस बन गयी और उसकी आवाज बाहर तक सुनाई नहीं दी। दम घुट जाने से उसकी कार में ही मौत हो गयी। अंश अपनी दो बहनों का एक इकलौता भाई था। जैन ने बताया कि पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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