Chhattisgarh News: कक्षा 4 के इंग्लिश पेपर में हुई चूक तो प्रधानाध्यापिका पर गिरी गाज, सस्पेंड
- Edited by: Pooja Kumari
- Updated Jan 11, 2026, 02:14 PM IST
छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका को कक्षा चार के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में एक सवाल के कारण धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप निलंबित कर दिया गया है। वहीं प्रश्नपत्र की मॉडरेटर शिक्षिका को भी सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान इस गलती को अनजाने में हुई चूक बताया गया है।
सांकेतिक फोटो (istock)
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में कक्षा चार के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में एक सवाल से धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप में एक सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नपत्र की ‘मॉडरेटर’ संविदा महिला शिक्षक को सेवा से हटाने के लिए भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रधानाध्यापिका को क्या किया गया सस्पेंड
हाल ही में रायपुर संभाग के सरकारी स्कूलों में हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के दौरान अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में यह सवाल पूछा गया था “मोना के कुत्ते का क्या नाम है?” इसके चार विकल्प थे। इनमें से एक विकल्प ‘राम’ नाम दिया गया था, जिस पर आपत्ति जताई गई क्योंकि भगवान राम हिंदू धर्म में पूजनीय हैं। अन्य विकल्प थे — ‘बाला’, ‘शेरू’ और ‘कोई नहीं’। मामला सबसे पहले महासमुंद जिले में सामने आया। बाद में रायपुर संभाग के अन्य जिलों में भी विवाद खड़ा हो गया और दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिकायतों के बाद इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।
रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) हिमांशु भारतीय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि जांच के आधार पर प्रश्नपत्र तैयार करने वाली शिखा सोनी को निलंबित कर दिया गया। सोनी रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के अंतर्गत नक्ती (खापरी) स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल की प्रधानाचार्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र की ‘मॉडरेटर’ नम्रता वर्मा को सेवा से हटाने के लिए भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रधानाध्यापिका ने दिया स्पष्टीकरण
सोनी ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में गलती स्वीकार करते हुए कहा कि ‘रामू’ की जगह गलती से ‘राम’ छप गया। यह त्रुटि प्रश्नपत्र तैयार करते समय अनजाने में हुई और समीक्षा के दौरान भी नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि उनका किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करने या किसी धर्म या समुदाय का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने खेद जताते हुए माफी भी मांगी।
वहीं, वर्मा ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उन्हें जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त कक्षा चार के अंग्रेजी प्रश्नपत्र के दो सेट में से एक तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रत्येक सवाल के साथ चार उत्तर दिए गए थे, जिन्हें उन्होंने ज्यों का त्यों रखा। उन्होंने माना कि वह राम शब्द को ठीक से नहीं देख पाईं और यह चूक अनजाने में हुई। उन्होंने भी खेद जताया और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने का भरोसा जताया।
(इनपुट - भाषा)
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