Badrinath Dham Yatra: यमुनोत्री-गंगोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद अब बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुल गए हैं। आज यानी रविवार 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट सुबह 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम दर्शन के लिए पहुंचे। शुभ मुहूर्त पर तीर्थ पुरोहितों द्वारा पूर्ण विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। भारी सुरक्षा बल की उपस्थिति और ढोल-नगाड़ों व आर्मी बैंड की मधुर धुन के बीच, हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने 'जय बद्री विशाल' और 'बद्रीनाथ भगवान की जय' के जयकारे लगाए, जिससे पूरा बद्रीनाथ धाम परिसर भक्तिमय हो उठा। देश-विदेश से बद्रीनाथ मंदिर के दर्शन करने आए श्रद्धालु आज इस पावन कपाटोद्घाटन बेला के साक्षी बने। इसकी के साथ 6 महीने के लिए बद्रीनाथ धाम की यात्रा शुरू हो गई है।
रंग-बिरंगे फूलों से मंदिर को सजाया गया
चार धाम की इस साल की यात्रा के लिए बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पूर्व मंदिर को लगभग 15 टन रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। फूलों की सजावट ने मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। सुबह बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी, धर्माधिकारी व वेदपाठियों द्वारा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। विधि विधान से माता लक्ष्मी को गर्भगृह से निकलकर मंदिर की परिक्रमा कराकर लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया गया।
इसके बाद भगवान कुबेर व उद्धव को बद्री विशाल मंदिर के गर्भगृह में विराजित किया गया। शुभ मुहूर्त पर, भगवान की चतुर्भुज मूर्ति का विधिवत अभिषेक किया और आकर्षक श्रृंगार किया गया। आज से अगले छह माह तक धरती के बैकुंठ धाम में भगवान की चतुर्भुज मूर्ति के साथ-साथ उद्धव, कुबेर, नारद और नर नारायण के दिव्य दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। मुख्य मंदिर के कपाट के साथ ही बदरीनाथ धाम मंदिर परिक्रमा स्थित गणेश, घटाकर्ण, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर व माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी इस यात्रा हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं।
छह माह के लिए खुलते हैं बद्रीनाथ धाम के कपाट
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बात करें तो, माना जाता है कि पूरे साल में से केवल 6 महीने (गर्मियों के मौसम के दौरान) मनुष्य द्वारा भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, जबकि बाकी के 6 महीने (शीतकालीन यानी सर्दियां) यहां देवता स्वयं भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। उस दौरान मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। मंदिर केवल साल में एक बार 6 महीने के लिए खोला जाता है।
चारधाम यात्रा शुरू
बता दें कि यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को ही खोल दिए गए थे। उसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई यानी शुक्रवार को खोले गए। अब 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम की यात्रा शुरू हो गई है। इस दौरान भारी संख्या में देश-विदेश से लोग उत्तराखंड यात्रा के लिए पहुंचेंगे। चार धाम की यह यात्रा 6 महीने चलती है।
उत्तराखंड के सीएम ने मंदिर के कपाट खुलने पर क्या कहा
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "भगवान का दर्शन-पूजन प्रारंभ हो गया है। पूरे देश भर से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और श्रद्धालु आए हैं। सभी में बहुत उत्साह है। मंदिर समिति, हितधारकों, तीर्थ पुरोहितों, हमारे धार्मिक कार्यों में अपना सहयोग करने वाले और स्थानीय लोगों के द्वारा इस भव्य यात्रा को सफल बनाने के लिए अनेक प्रबंध किए गए हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि चार धाम यात्रा में आने पर सभी श्रद्धालुओं की यात्रा बिना किसी बाधा, विघ्न और परेशानी के सफल हो।"
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