देहरादून : पहाड़ों में मौसमी गतिविधियां तेज होने से जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन तक भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। खासकर, उत्तराखंड के पहाड़ी और कुछ मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लिहाजा, चार धाम यात्रा को अगले 24 घंटों के लिए स्थगित कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग और विकासनगर में तीर्थयात्रियों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग की ओर से अगले 24 घंटे में अत्यधिक वर्षा की बात कही जा रही है। इस दौरान खराब मौसम यानी आकाशीय बिजली गिरने और लैंडस्लाइड के खतरे का अनुमान है। लिहाजा, लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। ऐसे स्थिति को देखते हुए चार धाम यात्रा को रोकने का फैसला किया गया है।
उत्तरकाशी में बादल फटे
उत्तरकाशी के बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर सिलाई बैंड में बादल फटने से निर्माणाधीन होटल साइट क्षतिग्रस्त होने के बाद वहां रह रहे 8-9 मजदूर लापता हो गए। यमुनोत्री मार्ग भी प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी सिलाई बैण्ड के पास दो से तीन स्थानों पर बाधित हो गया है, जिसकी जानकारी एनएच बड़कोट को दे दी गई है। इसके अलावा, कुथनौर क्षेत्र में भी बादल फटने और भारी वर्षा के कारण स्थानीय ग्रामीणों की कृषि भूमि को नुकसान पहुँचा है, हालांकि वर्तमान में वहां की स्थिति सामान्य बताई गई है और किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की कोई खबर नहीं है।
वहीं, रुद्रप्रयाग जिले में देर रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। बद्रीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण मार्ग बंद हो गया है। इसके चलते तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक मार्ग डूंगरीपंत-छांतीखाल-खांखरा के रास्ते से गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए राहत और सुरक्षा के उपाय शुरू कर दिए हैं।
