चण्डीगढ़

चंडीगढ़ की दूरी 50 किमी कम कर देगा ये नया एक्सप्रेसवे, बनेगा समय और पैसा बचाने वाला Expressway

एक्सप्रेसवे के साथ विकास को भी रफ्तार मिलती है। यह न सिर्फ यात्रा के समय को घटाते हैं, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और विकास की नई बयार भी लेकर आते हैं। NHAI पंजाब में एक और एक्सप्रेसवे बनाने जा रहा है, जिसकी लंबाई तो 110 किमी होगी, लेकिन यह चंडीगढ़ की दूरी 50 किमी कम कर देगा।

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बनेगा नया एक्सप्रेसवे - सिमट जाएंगी दूरियां

Photo : Times Now Digital

देश के सबसे लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) से लेकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi Dehradun Expressway), दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Amritsar-Katra Expressway) और गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) तक देश को रफ्तार देने के लिए लगातार देश में एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। इन एक्सप्रेसवे को इस तरह से बनाया जा रहा है कि भविष्य किसी तरह की आपात स्थिति में इनका इस्तेमाल विमान उतारने के लिए भी किया जा सके। ऐसा ही एक और एक्सप्रेसवे पंजाब में बनने जा रहा है, जो पंजाब के अलग-अलग हिस्सों को केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से और करीब से जोड़ देगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI एक ऐसा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट लॉन्च करने जा रहा है, जो पंजाब में पर्यटन उद्योग को पर लगा देगा। इसके तहत 110 किमी लंबा पंजाब एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। पंजाब एक्सप्रेसवे के बन जाने से पंजाब में विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। इससे चंडीगढ़ तक का सफर और भी आसान और किफायती होने के साथ ही यहां के निवासियों के लिए भी लाभदायक हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खास बात यह होगी कि यह चंडीगढ़ की दूरी को 50 किमी तक कम कर देगा। चलिए जानते हैं एक्सप्रेसवे के बारे में सब कुछ -

पंजाब एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 110 किमी होगी। इस एक्सप्रेसवे से न केवल पंजाब में विकास और समृद्धि का रास्ता खुलेगा, बल्कि पर्यटकों का सफर भी आसान होगा। बड़ी बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से बठिंडा और चंडीगढ़ की दूरी 50 किमी कम हो जाएगी। 50 किमी दूरी कम होने से यात्रियों को बड़ा आराम मिलेगा। अभी यात्रियों को बठिंडा से बरनाला, संगरूर और पटियाला होते हुए चंडीगढ़ आना पड़ता है। 110 किमी के इस नए एक्सप्रेसवे के बन जाने से यात्री बठिंडा से सीधे चंडीगढ़ पहुंच पाएंगे। इससे यात्रियों का समय बचेगा और संगरूर व पटियाला में भी ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा।

किन इलाकों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे

110 किमी लंबे जिस एक्सप्रेसवे को बनाने की तैयारी NHAI कर रहा है वह पंजाब के कई इलाकों को जोड़ेगा। इसमें बठिंडा से साथ मुक्तसर और अबोहर शामिल हैं। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से राजस्थान से चंडीगढ़ और पंजाब के अन्य हिस्सों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा। यह एक्सप्रेसवे चंडीगढ़ को बरनाला, मलेरकोटला, खन्ना बायपास, सरहिंद और मोहाली से जोड़ेगा।

इस इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे

पंजाब एक्सप्रेसवे का एक बड़ा लाभ यह होगा कि यह एक्सप्रेसवे यहां से गुजरने वाले एक बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी जुड़ेगा। लुधियाना-अजमेर इकोनॉमिक कॉरिडोर (Ludhiana-Ajmer Economic Corridor) से जुड़कर 110 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लिए विकास की नई लाइफलाइन बनकर उभरेगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से क्षेत्र में व्यापार की नई संभावनाएं पैदा होंगी और रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।

बरनाला और मोहाली आईटी सिटी के बीच एक अलग रोड बनाई जाएगी, इससे मोहाली तक पहुंच आसान हो जाएगी। फिलहाल सरहिंद-मोहाली रोड पर काम चल रहा है और जल्द ही सरहिंद और बरनाला के बीच भी सड़क पर काम शुरू हो जाएगा।

नया नहीं प्रोजेक्ट

अगर आपको लग रहा है कि पंजाब एक्सप्रेसवे का प्रोजेक्ट नया है तो बता दें कि यह नया बिल्कुल भी नहीं है। बल्कि यह प्रोजेक्ट तो तीन साल से चल रहा है। नया अपडेट ये है कि अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले किसी कारणवश इस पर काम शुरू नहीं हो पाया था। अब इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किए जाने की तैयारी है और यह एक्सप्रेसवे बठिंडा-लुधियाना 6 लेन रोड से जुड़ेगा।

भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा

बता दें कि देशभर में कई एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, जो भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। पंजाब एक्सप्रेसवे को भी भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ही बनाया जाएगा और यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। इसका मतलब है कि यह एक्सप्रेसवे ऐसे क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां पर पहले से ही सड़क मौजूद नहीं है। इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे फिलहाल बठिंडा और लुधियाना के बीच बनाए जा रहे 6 लेन के रोड प्रोजेक्ट से भी जुड़ेगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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