Punjab Budget 2025: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2 लाख, 36 हजार, 80 करोड़ का बजट पेश किया। जिसमें खेलों के बजट में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है। इस बार के बजट में खेलों के लिए 979 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पंजाब के इतिहास में खेल क्षेत्र के लिए सबसे अधिक बजट है। बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि सीएम भगवंत मान के नेृतत्व में खेलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “युद्ध नशे दे विरुद्ध” अभियान में खेलों का अहम योगदान है। इससे पंजाब फिर से जल्द ही भारतीय खेलों में शीर्ष स्थान पर लौटेगा।
मान सरकार ने तैयार की खेल नीति
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि खेलों में पंजाब का गौरव वापस लाना मान सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी अकाली की सरकार ने पंजाब में खेल को कभी प्राथमिकता नहीं दी। खेलो के नाम पर सट्टेबाजी और गैंग्स्टरवाद को बढ़ावा दियागया। पंजाब कभी खेलों में नंबर एक पर हुआ करता था। लेकिन पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण पंजाब 10वें स्थान पर चला गया। पंजाब के वित्त मंत्री ने बताया कि मान सरकार ने खेल नीति तैयार की है, जिसका उद्देश्य पंजाब की खोई हुई खेल प्रतिष्ठा को वापस स्थापित करना है।
स्थानीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत
पंजाब के वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्थानीय खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया जा रहा है। इसके लिए हर गांव में खेल मैदान और 3,000 गांवों में इनडोर जिम को बनाया जा रहा है। इसके अलावा 13 Centers of Excellence को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि CM भगवंत मान के नेतृत्व में खेलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले तीन सालों में खिलाड़ियों को 100 करोड़ रुपये से अधिक का पुरस्कार और सरकारी नौकरी (DSP/PCS) दी गई है। खिलाड़ियों को 2026 एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए प्रशिक्षण देने के लिए वित्तीय मदद भी दी जा रही है। “खेड़ा वतन पंजाब दियाँ” के अब तक तीन संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं। जिसमें 5 लाख से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी रही है। इस साल इसका चौथा संस्करण होने वाला है।
