चण्डीगढ़

Punjab: ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला गुरदासपुर, 4 लोगों की हत्या, इन दो गुटों ने खेला मौत का खेल

पंजाब के गुरदासपुर दो पक्षों में हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। गोलीबारी में दोनों समूहों के दो-दो लोगों की मौत हुई है।

Image

गुरदासपुर में गोलीबारी

Photo : BCCL

गुरदासपुर: जिले में दो समूहों के बीच पुरानी रंजिश के चलते हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घटना रविवार रात बटाला के श्री हरगोबिंदपुर के लिघांवाला चौक पर हुई। दोनों समूहों में कुल 13 लोग थे और सभी विठवान गांव के रहने वाले हैं। बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अश्विनी गोटयाल ने बताया कि गोलीबारी में दोनों समूहों के दो-दो लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान बलराज सिंह, शमशेर सिंह, बलजीत सिंह और निर्मल सिंह के तौर पर हुई है।

मेजर सिंह और अंग्रेज सिंह गुट में फायरिंग

पुलिस ने बताया कि घटना में आठ लोग घायल हुए हैं और उन्हें अमृतसर के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक सभी घायल खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान कई राउंड गोलियां चलाई गईं और मौके से 30 कारतूस और खोखें मिले हैं। एसएसपी ने बताया कि एक समूह का नेतृत्व मेजर सिंह कर रहा था जबकि दूसरे गुट का अंग्रेज सिंह। उन्होंने बताया कि दोनों समूहों के बीच नहर के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद था। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की रविवार रात को झड़प हो गई।

एसएसपी ने बताया कि एक समूह में कुल नौ लोग थे जबकि दूसरे समूह में चार लोग थे। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस गश्ती दल मौके पर पहुंचा। एसएसपी ने बताया कि थाना प्रभारी के वाहन पर भी एक गोली लगी है। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें