Chandigarh Roof Solar Plant: ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) ने ग्रीन एवं क्लीन एनर्जी को लेकर चंडीगढ़ में आवासीय इमारतों की छत पर मुफ्त में सोलर प्लांट लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। चंडीगढ़ रिन्युएबल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी (क्रेस्ट) ने जेईआरसी के समक्ष याचिका दायर कर कहा था कि घरेलू उपभोक्ताओं को ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप (जीसीआरटी) पावर प्रोजेक्ट इंस्टॉल करने की मंजूरी मिली। यह रिन्यूएबल एनर्जी सर्विसेस कंपनी (रेस्को) के बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल के माध्यम से होगा। क्रेस्ट, यूटी के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स की एग्जीक्यूटिंग एजेंसी के तौर पर काम करती है।
क्रेस्ट का कहना है कि जेईसीआरसी ने रेस्को मॉडल के क्रियान्वयन की मंजूरी दे दी है। अब चंडीगढ़ आवासी घरों में रेस्को मॉडल पेश करने वाला देश का पहला शहर हो जाएगा। इससे शहर में सोलर ऊर्जा को काफी बढ़ावा मिलने वाला है। घरेलू इलाकों में सोलर पावर प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने 500 वर्ग गज और उससे अधिक के क्षेत्र के घरों में रूफटॉप पावर प्लांट लगाना अनिवार्य किया था। अब नए मॉडल के अनुसार हाउस ओनर को 5 किलोवाट सोलर प्लांट लगाने के लिए सिफ 500 स्क्वायर फीट जगह होनी चाहिए।
उपभोक्ता के घर में थर्ड पार्टी लगाएगा प्लांट
इस प्रोजेक्ट के अनुसार उपभोक्ता के घर की छत पर थर्ड पार्टी यानी रेस्को सोलर प्लांट लगाएगा। चंडीगढ़ इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट ग्रॉस मीटरिंग के तहत बिजली की बचत होगी। उपभोक्ता के घर की छत पर सोलर पावर प्लांट की इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग के लिए रेस्को कोई शुल्क नहीं लेगा। रेस्को द्वारा बिड आमंत्रित किया जाएगा। इसमें उनको प्राथमिकता दी जाएगी, जो रेस्को के बीओटी मॉडल पर इलेक्ट्रिसिटी प्लांट लगाने में सक्षम रहेंगे। यह प्रक्रिया दो महीने में पूरी कर ली जाएगी। जीसीआरटी को मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले स्पताह से प्लांट को इंस्टॉल करना है। बीओटी अवधि के अंत तक आरईएससीओ को सिस्टम के रखरखाव की लागत उठानी है। बीओटी अवधि समाप्त होने और जीसीआरटी बाद की अवधि तक ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस की कास्ट कंज्यूमर द्वारा उठा जाएगा। समय पूरा होने पर उपभोक्ता को मुफ्त में सोलर प्लांट ट्रांसफर हो जाएगा।यह हुआ बदलाव
घरेलू उपभोक्ता को अपनी छत पर जगह देनी होगी। इस पर उन्हें बीओटी अवधि के दौरान 3.23 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। अभी 0-151 यूनिट के बाद 2.75 रुपए यूनिट, 151-400 यूनिट के लिए 4.25 रुपए यूनिट और 400 से अधिक यूनिट की खपत पर 4.65 रुपए प्रति यूनिट भुगतान करना होता है। सोलर मंत्रालय ने शहर के सोलर पावर प्रोडक्शन के लक्ष्य को 2022 तक हासिल करने के लिए 69 मेगावाट से बढ़ाकर 15 अगस्त 2023 तक 75 मेगावाट किया था। अब तक 55 मेगावाट का लक्ष्य हासिल हो गया है।
