चण्डीगढ़

Chandigarh: चंडीगढ़ पीजीआई में कैंसर के मरीजों को मिलेगा आधुनिक इलाज, आ रही हैं 40 करोड़ रुपये की हाईटेक मशीनें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 22, 2023, 05:34 PM IST

Chandigarh: चंडीगढ़ पीजीआई कैंसर के इलाज के लिए नई मशीनें लाने जा रहा है। इसपर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संस्‍थान की तरफ से इस मशीन की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन मशीनों का फायदा चंडीगढ़ के अलावा आसपास के राज्‍यों के कैंसर मरीजों को भी होगा। यहां पर आने वाले हजारों मरीजों को हाईटेक इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

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चंडीगढ़ पीजीआई

KEY HIGHLIGHTS
  • पीजीआई में आएंगी हाई एनर्जी लिनियर एक्सीलरेटर मशीन
  • यहां पर बेहत कम कीमत में मरीजों को मिलता है कैंसर का इलाज
  • चंडीगढ़ पीजीआई में हर साल आते हैं करीब 10 हजार कैंसर मरीज

Chandigarh: चंडीगढ़ और आसपास के राज्‍यों के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब चंडीगढ़ पीजीआई में कैंसर मरीजों को हाईटेक इलाज की सुविधा मिल सकेगी। कैंसर का इलाज के लिए पीजीआई 40 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक मशीनें खरीदने जा रहा है। संस्‍थान की तरफ से इस मशीन की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार यहां पर जल्द ही मरीजों को कम समय में बेहतर इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। इन महंगी और अत्‍याधुनिक मशीनों को खरीदने का कारण पुरानी मशीनों पर बहुत ज्यादा दबाव और मरीजों की संख्या में होने वाला लगातार इजाफा है।

पीजीआई रेडियोथैरेपी और ओंकोलॉजी व टेरटरी कैंसर सेंटर के प्रमुख प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि पीजीआई प्रशासन अपने बचे हुए बजट से इन मशीनों को खरीद रहा है। जिससे यहां आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा सके। प्रो. कपूर के अनुसार, पीजीआई में मौजूदा समय जिस लिनियर एक्सीलरेटर मशीन से मरीजों को थैरेपी दी जा रही है, एक दशक पुरानी है। अब इस संस्‍थान पर मरीजों का दबाव बहुत ज्‍यादा बढ़ गया है। जिससे संस्‍थान के साथ मरीजों को भी परेशानी हो रही है। पीजीआई द्वारा जिन मशीनों को खरीदने की तैयारी की जा रही है, उनमें सीटी सैम्यूलरेटर, हाई एनर्जी लिनियर एक्सीलरेटर मशीन और ब्रेकी थैरेपी से जुड़े उपकरण शामिल हैं।

पीजीआई में बेहद सस्ता और असरदार इलाज

बता दें कि चंडीगढ़ पीजीआई में कैंसर का इलाज बेहद सस्‍ता है। यही कारण है कि यहां पर हर साल चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड और जम्‍मू तक के मरीज आते हैं। पीजीआई प्रशासन के अनुसार यहां पर हर साल करीब 10 हजार कैंसर के मरीज आते हैं। इस अस्‍पताल में लियिनर एक्सीलरेटर मशीन से होने वाले इलाज पर करीब 15 हजार रुपये का खर्च आता है। जबकि यही इलाज बाहर किसी निजी अस्‍पताल में कराने पर इसके लिए दो से ढाई लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। यह मशीन कैंसर के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण रोल निभाती है। लीनियर एक्सीलरेटर मशीन रेडिएशन के माध्‍यम से कैंसर सेल को खत्म करने का कार्य करता है। इस मशीन से साइड इफेक्ट नहीं होता, साथ ही मरीजों को पीड़ा भी कम होता है।
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