पंजाब के काउंटर इंटेलिजेंस (CI) फिरोजपुर ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) फाजिल्का के साथ एक संयुक्त अभियान में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा पार से संचालित एक संगठित हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसमें दो हथियार आपूर्तिकर्ताओं को 27 आधुनिक .30 बोर पिस्तौल और 470 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन में यह कामयाबी हासिल की है।
क्या है पूरा मामला?
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान फाजिल्का के तेजा रहेला निवासी मंगल सिंह उर्फ मंगली और फाजिल्का के गांव मुहर जमशेर निवासी गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हथियारों की यह बड़ी खेप पाकिस्तान से एक विदेशी संगठन के माध्यम से प्राप्त की गई थी और इसका इस्तेमाल राज्य के आपराधिक गिरोहों द्वारा किया जाना था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर इन हथियारों को आपराधिक समूहों के संचालकों तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान करने और तस्करी किए गए हथियारों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए, एआईजी सीआई फिरोजपुर गुरसेवक सिंह बराड़ ने बताया कि विश्वसनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए, सीआई फिरोजपुर और एसएसओसी फाजिल्का की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से फाजिल्का क्षेत्र में एक गुप्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान, फाजिल्का में भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय बाड़ के पास गांव मुहर जमशेर से दो संदिग्धों को .30 बोर के 27 अवैध हथियारों और 470 ज़िंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया।
एआईजी ने आगे बताया कि विदेशी संगठन की पहचान, भूमिका और उसके व्यापक नेटवर्क की जांच की जा रही है। इस संबंध में पुलिस स्टेशन एसएसओसी फाजिल्का में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत एफआईआर संख्या 16 दिनांक 11-09-2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
