Jaipur News: जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की 9 साल की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में CBSE ने मान्यता की रद्द
- Authored by: लखवीर सिंह शेखावत
- Updated Dec 31, 2025, 02:16 AM IST
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में CBSE ने नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता रद्द कर दी
प्रतीकात्मक फोटो (istock)
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की मौत के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता (संबद्धता) रद्द कर दी है। CBSE की ओर से गठित दो सदस्यीय तथ्य-जांच समिति की रिपोर्ट में स्कूल प्रशासन की कई गंभीर लापरवाही सामने आई है।
समिति ने स्कूल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा, निगरानी और छात्र संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहद कमजोर बताया। वहीं आदेश के अनुसार सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट उसी स्कूल से बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही स्कूल को किसी भी कक्षा में नए प्रवेश लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
कमेटी की जांच रिपोर्ट के अनुसार स्कूल में छात्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक बुनियादी इंतजाम नहीं थे। CCTV निगरानी व्यवस्था अपर्याप्त पाई गई। ऊंची मंजिलों पर सेफ्टी नेट या मजबूत रेलिंग जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं। काउंसलिंग सिस्टम भी प्रभावी नहीं था। इससे छात्रों की मानसिक स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया जा सका। इसके अलावा एंटी-बुलिंग, POCSO और चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियां केवल कागजों में ही सक्रिय दिखीं, जबकि जमीनी स्तर पर उनका संचालन नहीं हो रहा था।
पर्याप्त स्टाफ की तैनाती न होना भी बड़ी चूक मानी गई
कमेटी ने रिपोर्ट में बताया कि छात्रों और स्टाफ के ID कार्ड नहीं पहनने से पहचान और निगरानी प्रणाली कमजोर रही। अलग-अलग फ्लोर पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती न होना भी बड़ी चूक मानी गई। इन सभी कमियों को छात्रा की मौत के लिए जिम्मेदार कारकों के रूप में देखा गया है।
घटना के बाद मौके से खून के धब्बे साफ कर दिए गए थे
CBSE की रिपोर्ट में फोरेंसिक जांच को प्रभावित करने वाला गंभीर पहलू भी सामने आया। घटना के बाद मौके से खून के धब्बे साफ कर दिए गए थे, जिससे निष्पक्ष फोरेंसिक जांच प्रभावित हुई। बोर्ड ने इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए कहा कि इससे जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
CBSE ने बताया- 20 नवंबर 2025 को स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। परंतु स्कूल की ओर से दिया गया जवाब और प्रस्तुत दस्तावेज बोर्ड को संतोषजनक नहीं लगे। जांच के बाद बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि यदि स्कूल ने सुरक्षा, निगरानी और काउंसलिंग से जुड़े तय प्रोटोकॉल का पालन किया होता, तो हादसा पूरी तरह रोका जा सकता था। बोर्ड ने स्कूल पर एफिलिएशन बायलॉज के क्लॉज 2.4, 4.7.6 और 4.7.10 के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया है।
छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए CBSE ने कुछ राहत भी दी है
छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए CBSE ने कुछ राहत भी दी है। आदेश के अनुसार सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र उसी स्कूल से बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। हालांकि सत्र 2026-27 से कक्षा 9 और 11 के छात्रों को नजदीकी अन्य CBSE स्कूलों में ट्रांसफर किया जाएगा। साथ ही स्कूल को किसी भी कक्षा में नए प्रवेश लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
CBSE ने स्पष्ट किया है कि नीरजा मोदी स्कूल अब सत्र 2027-28 में ही दोबारा संबद्धता के लिए आवेदन कर सकेगा, वह भी तब जब सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों, निगरानी व्यवस्थाओं और छात्र संरक्षण नियमों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बोर्ड की इस कार्रवाई को स्कूलों में छात्र सुरक्षा को लेकर एक कड़ा और अहम संदेश माना जा रहा है।
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