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महादेव बेटिंग ऐप का किंगपिन अभिषेक दुबई से लौटते ही गिरफ्तार, क्या हैं आरोप, नेटवर्क में कितने लोग?

अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां CBI को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद आरोपी को रायपुर ले जाकर अदालत में पेश किया गया।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

दिल्ली : महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी और कथित किंगपिन अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक, दुबई से भारत लौटते ही उसे हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। जांच में अभिषेक कुमार की ऑनलाइन बेटिंग और जुआ संचालन, पैनल के समन्वय, रकम जुटाने और कथित अवैध कमाई से दुबई में अचल संपत्तियां हासिल करने में सक्रिय भूमिका सामने आई है।

सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ काम करने का आरोप

CBI के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में अभिषेक कुमार के कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री बरामद और जब्त की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि जब्त सामग्री प्रथमदृष्टया महादेव बेटिंग ऐप के संचालन में उसकी सक्रिय भूमिका की ओर इशारा करती है। एजेंसी के मुताबिक, अभिषेक कुमार मुख्य आरोपियों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम करता था।

हैदराबाद से रायपुर तक रिमांड

गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी को हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां CBI को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद आरोपी को रायपुर ले जाकर अदालत में पेश किया गया। रायपुर कोर्ट ने उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर CBI को सौंप दिया।

छत्तीसगढ़ की 13 FIR CBI को ट्रांसफर

महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने अलग-अलग थानों में दर्ज 13 FIR CBI को ट्रांसफर की थीं। CBI ने इन मामलों को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की। एजेंसी के मुताबिक, अब तक इस मामले में 100 आरोपियों के खिलाफ 8 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं।

इन आरोपियों में महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटर, पैनल संचालक, हवाला ऑपरेटर और छत्तीसगढ़ सरकार के कुछ लोक सेवक शामिल हैं। फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

मुख्य प्रमोटरों को भारत लाने की कोशिश

CBI के मुताबिक, महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटरों को मुकदमे का सामना करने के लिए भारत वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक 7 रेड कॉर्नर नोटिस और 2 प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। दो आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई भी चल रही है।

अवैध कमाई और संपत्तियों की भी जांच

जांच का एक प्रमुख पहलू बेटिंग और जुए से कथित तौर पर अर्जित रकम का पता लगाना भी है। CBI के अनुसार, अभिषेक कुमार की भूमिका रकम जुटाने के साथ-साथ कथित अवैध कमाई से दुबई में अचल संपत्तियां हासिल करने के मामले में भी सामने आई है। एजेंसी अन्य फरार आरोपियों और कथित अपराध से अर्जित रकम का पता लगाने में जुटी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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