शहर

'रेल बजट' में उत्तराखंड को 4,641 करोड़, 11 अमृत स्टेशन का होगा विकास, इतने ट्रैक पर होगी 'कवच प्रणाली'

उत्तराखंड रेल मंत्री ने बताया कि 2025-26 में विभिन्न रेल परियोजनाओं का विकास करने के लिए प्रदेश को 4,641 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 147 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के 11 स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में विकसित किया जाएगा।

Image

'रेल बजट' में उत्तराखंड को 4,641 करोड़

उत्तराखंड रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार यानी 3 फरवरी 2025 को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेलवे बजट के बारे में जानकारियां दीं। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस बार रेलवे को 2 लाख 52 हजार करोड़ रुपए का बजट आवंटन किया गया है। इस आवंटन के लिए उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री का भी आभार जताया। इतना ही नहीं केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में विभिन्न रेल परियोजनाओं के लिए 4,641 करोड़ रुपये का बजट देने पर आभार जताया। साथ ही उन्होंने 11 रेलवे स्टेशनों का अमृत स्टेशन योजना के तहत विकास किया जाएगा इसकी भी जानकारी दी।

उत्तराखंड को रेल परियोजनाओं के लिए 4,64 करोड़ का बजट आवंटित

उत्तराखंड रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बजट आवंटन का लाभ उत्तराखंड को भी मिलेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड को 2025-26 के बजट में विभिन्न रेल परियोजनाओं के लिए 4,641 करोड़ का आवंटन हुआ है। इस बजट से उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को सुदृढ़ किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चार धाम के लिए केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस 125 किलोमीटर की परियोजना का 49 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है, जिसकी कुल लागत 24 हजार 659 करोड़ रुपए है। यह सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है।

उन्होंने रेलवे में सुरक्षा के दृष्टिगत कवच प्रणाली के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 49 रूट किलोमीटर के लिए कवच प्रणाली की संस्तुति है। इसके अलावा 2014 से अब तक प्रदेश में 100 रेल फ्लाईओवर और अंडर ब्रिज का निर्माण किया जा चुका है। यात्रियों के लिए स्टेशनों पर छह लिफ्ट, 14 एस्केलेटर का निर्माण किया गया है और 31 स्टेशनों पर वाईफाई की सुविधा यात्रियों के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा राज्य में दो वंदे भारत ट्रेन सफलतापूर्वक सेवाएं दे रही हैं।

11 स्टेशनों का अमृत स्टेशन के रूप में होगा विकास

उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवबंद-रुड़की रेल लाइन का 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है, जिसकी कुल लागत 1,053 करोड़ रुपए है और यह रेल लाइन 27.5 किलोमीटर की है। वहीं, 63 किलोमीटर की किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजना 228 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी। उत्तराखंड में 2014 से 2025 तक 69 किमी के नए रेल ट्रैक बिछाए गए हैं। साथ ही इसी अवधि में 303 किमी की रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है।

2009-14 के बीच यह आंकड़ा शून्य था। आज प्रदेश की हर रेलवे लाइन बिजली युक्त है। फिलहाल राज्य में 216 किमी की तीन रेल परियोजनाओं (रेलवे ट्रैक) का काम चल रहा है, जिसकी लागत 25,941 करोड़ रुपए है। साथ ही देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं जंक्शन, रामनगर, रुड़की और टनकपुर सहित 11 स्टेशनों को 147 करोड़ की लागत से अमृत स्टेशनों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

(इनपुट - आईएएनएस)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article