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दिल्ली में तेज रफ्तार का कहर, सड़क हादसे में नाबालिग की मौत; क्या बोलीं CM रेखा

दिल्ली के शालीमार में एक टेम्पो ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसमें सवार एक 12 साल के लड़के की मौके पर ही मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने हैदरपुर के अंबेडकर नगर निवासी मृतक के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सड़क किनारे अतिक्रमण नहीं होते, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।

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शालीमार हादसा

दिल्ली : शालीमार बाग क्षेत्र में शनिवार को एक नाबालिग की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यदि इस क्षेत्र में सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण नहीं होते, तो यातायात सुचारु रहता और इस तरह की दुर्घटनाओं तथा जान-माल के नुकसान की संभावना कम हो जाती। लगभग दो महीने पहले भी इसी इलाके में एक पांच वर्षीय बच्ची की तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जो इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

शालीमार बाग पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम दो नाबालिग एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर उस इलाके से गुजर रहे थे, जहां नाले और सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण किए गए हैं। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इन अतिक्रमणों को हटाने के आदेश दिए हैं। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक टेम्पो ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे एक नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने हैदरपुर के अंबेडकर नगर निवासी मृतक के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सड़क किनारे अतिक्रमण नहीं होते, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा कि ये अतिक्रमण पिछली सरकार के कार्यकाल में सरकारी जमीन पर किए गए थे, जिसके कारण लंबे समय से यातायात बाधित हो रहा है और लोगों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस क्षेत्र की रोड नंबर 320 पर स्थित 140 से अधिक अवैध इकाइयों को हटाने के निर्देश दिए हैं। यहां दिल्ली सरकार द्वारा एक प्रमुख अंडरपास का निर्माण भी किया गया है, जिसके माध्यम से आजादपुर से आने वाला यातायात इस सड़क और अंडरपास से होते हुए सीधे मुकर्बा चौक के पास आउटर रिंग रोड तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में दो प्रमुख अस्पताल, कई शैक्षणिक संस्थान और पुलिस प्रतिष्ठान स्थित हैं, जिसके कारण यहां यातायात का दबाव अधिक रहता है। अवैध अतिक्रमणों के चलते न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भी लंबे समय से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसके आधार पर अवैध निर्माण हटाने का आदेश पारित किया गया। उन्होंने कहा कि जैसे ही ये अतिक्रमण हटाए जाएंगे, उत्तर दिल्ली से आने वाला यातायात अधिक सुचारु हो जाएगा और वाहन रिंग रोड से सीधे आउटर रिंग रोड तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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