Mumbai Pavement Vendors Verification: मुंबई में फुटपाथ पर ठेले लगाने वाले विक्रेताओं और उनके सहायकों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। अदालत ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और पुलिस को निर्देश दिया कि शहर में काम कर रहे सभी फुटपाथ विक्रेताओं और उनके सहायकों की पहचान और वैधता की पूरी जांच की जाए, जिनमें कथित रूप से कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई अवैध प्रवासी पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने का अधिकार होगा, जिसमें उनकी प्रत्यर्पण (देश वापसी) प्रक्रिया भी शामिल है। वेंडर्स की पहचान और वैधता की पुष्टि अगले तीन महीनों के भीतर पूरी करनी होगी।
किस सुनवाई के बाद जारी हुआ आदेश?
जानकारी के अनुसार, यह आदेश न्यायमूर्ति एएस गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाताकी की पीठ ने उन याचिकाओं की सुनवाई के बाद जारी किया, जिनमें शहर की फुटपाथ और सड़कों पर अवैध रूप से रेहड़ी लगाने के कारण पैदल चलने वालों और वाहनों को होने वाली कठिनाइयों का मुद्दा उठाया गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिया कि वह सभी स्टॉल चाहे अस्थायी हों या स्थायी की पूरी तरह से जांच और निरीक्षण करे।
कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ये स्टॉल पैदल यात्रियों या वाहनों के मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा न डालें। इसके साथ ही, बीएमसी और पुलिस को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि फुटपाथ पर रेहड़ी लगाने वाले और उनके सहायक भारतीय नागरिक हैं या नहीं। अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि कोई बांग्लादेशी या अन्य विदेशी नागरिक अवैध रूप से काम कर रहा है, तो उस पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
99,000 लोग फुटपाथ पर रेहड़ी लगाने के लिए पात्र
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि, अब तक लगभग 99,000 लोग फुटपाथ पर रेहड़ी लगाने के लिए पात्र पाए गए हैं। बीएमसी को आदेश दिया गया है कि ये विक्रेता केवल तय किए गए नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार ही फुटपाथ पर अपनी रेहड़ी लगा सकेंगे। इसके अलावा, कोई भी अन्य व्यक्ति फुटपाथ पर रेहड़ी लगाने का अधिकार नहीं रखेगा। अदालत ने यह भी कड़ा निर्देश दिया कि अवैध रूप से फुटपाथ पर रेहड़ी लगाने वालों को तुरंत हटाया जाए।
