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Mumbai Pollution: पॉल्यूशन पर बॉम्बे हाई कोर्ट के तीखे तेवर, आयुक्त का वेतन रोका; पूछे ये सवाल

मुंबई में लगातार बढ़ रहे पॉल्यूशन का लेवल बढ़ता जा रहा है, जिसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी और नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई व नवी मुंबई नगर आयुक्त की सैलरी रोकने का आदेश दे दिया।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार 23 जनवरी को नगर निगम (BMC) के अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जमकर खरी-खरी सुनाई। हाई कोर्ट ने कहा कि शहर में विकास या निर्माण कार्यों को रोकने में आप असमर्थ रहे और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सख्ती से नियमों का पालन नहीं किया। कोर्ट के दलीलों का सही से जवाब न दे पाने पर बीएमसी आयुक्त का वेतन रोकने का आदेश दिया है। अदालत ने पूछा वायु प्रदूषण के कारण बीएमसी आयुक्त का वेतन क्यों नहीं रोका जाना चाहिए?

सांस संबंधी मरीजों के मामलों में 30 प्रतिशत की वृद्धि

अदालत ने वायु प्रदूषण को लेकर मुंबई और नवी मुंबई नगर आयुक्तों की एक बार फिर कड़ी आलोचना की और नवी मुंबई नगर आयुक्त का वेतन रोक दिया। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर ने यह भी सवाल किया कि मुंबई नगर आयुक्त भूषण गगरानी का वेतन क्यों नहीं रोका जाना चाहिए? मुंबई में वायु प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए स्थिति प्रस्तुत की और बताया कि वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और सांस संबंधी मरीजों के मामलों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और लगातार लोग इसकी शिकायत कर रहे हैं। आरोप है कि कई सार्वजनिक स्थानों के आसपास कूड़े के ढेर और नालियों की सफाई न होने से बीमारियों में वृद्धि हो रही है। हवा की क्वालिटी खराब होने से दमा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।

नगर निगम के खिलाफ कड़ी आपत्ति

वकील ने आगे कहा कि नगर निगम की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली केंद्रीय निगरानी प्रणाली से जुड़ी नहीं है। इस पर, अदालत ने नगर निगम के खिलाफ कड़ी आपत्ति जताई। मामले की सुनवाई अगले तीन घंटों के भीतर फिर से होगी। अदालत ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह यह डेटा प्रस्तुत करे कि कितने निगरानी तंत्र स्थापित किए गए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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