मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित लिबर्टी गार्डन स्कूल के बाहर शनिवार को भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद शेलार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और संगठन में स्थानीय पदाधिकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि लंबे समय से वार्ड स्तर के पदाधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रखा जा रहा है। उनका आरोप है कि पार्टी के कई कार्यक्रमों और निर्णयों में स्थानीय नेतृत्व को विश्वास में नहीं लिया जाता, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशिष शेलार के भाई विनोद शेलार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय वार्ड अध्यक्षों और अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जाती। उनका कहना था कि वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे संगठन के भीतर नाराजगी का माहौल बन गया है।
इस विवाद के बीच भाजपा मालाड संगठन की वार्ड अध्यक्ष नीलिमा कदम द्वारा प्रदेश नेतृत्व को भेजे गए एक पत्र की भी चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि पत्र में उन्होंने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यक्रमों से दूर रखने तथा संगठनात्मक समन्वय की कमी को लेकर चिंता जताई है।
सूत्रों के मुताबिक, पत्र में कहा गया है कि वार्ड अध्यक्षों, स्थानीय प्रतिनिधियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा से संगठन का मनोबल प्रभावित हो रहा है। साथ ही पार्टी की स्थापित कार्यप्रणाली और संगठनात्मक अनुशासन के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
पत्र के माध्यम से प्रदेश नेतृत्व से मामले में हस्तक्षेप करने और स्थानीय कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर ध्यान देने की मांग की गई है। साथ ही संगठन में बेहतर समन्वय स्थापित कर स्थानीय पदाधिकारियों को उचित सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं। यदि उन्हीं की आवाज को नजरअंदाज किया जाएगा तो इससे संगठनात्मक एकता कमजोर होगी और जनता के बीच भी गलत संदेश जाएगा। इस मामले पर बीजेपी नेता विनोद शेलार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश नेतृत्व से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है ताकि मालाड भाजपा इकाई के भीतर बढ़ रही नाराजगी को दूर किया जा सके।
