Patna News: बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में 1200 से ज्यादा खाली महिला सीटों को पुरुष अभ्यर्थियों से भरने की मांग को लेकर अभ्यर्थी आज यानी शुक्रवार 9 अक्टूबर को राजधानी पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास जुटने और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की घोषणा की है। इस दौरान धरना-प्रदर्शन के साथ कलश यात्रा भी निकालने की भी योजना है। अभ्यर्थियों का कहना है कि रिक्त सीटों पर संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष उम्मीदवारों को मौका दिया जाना चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में सीटें खाली न रहें।
पटना में आंदोलन शुरू होने से पहले गांधी मैदान के अंदर ही पुलिस ने अभ्यर्थियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस आज पटना में सड़कों पपर किसी भी तरह के प्रदर्शन होने का परमिशन नहीं दे रही है। अभ्यर्थी प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं, जबकि पुलिस उन्हें खदेड़ रही है। रैपिड एक्शन फोर्स और स्टेट पुलिस दोनों इस प्रदर्शन के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही है। इस दौरान गांधी मैदान और उसके आसपास के इलाकों से पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया है।
डाकबंगला चौराहे तक मार्च
इससे पहले आज सुबह अभ्यर्थियों के बताया कि 11 बजे पटना के गांधी मैदान में धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से डाकबंगला चौराहे तक कलश यात्रा और पैदल मार्च निकालने की योजना है। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी छठ पूजा की परंपरा के अनुरूप हाथों में सूप और कलश लेकर चलेंगे। इसके साथ तिरंगा झंडा भी लेकर अपनी मांग उठाएंगे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे इस प्रतीकात्मक तरीके से सरकार और प्रशासन का ध्यान भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई सीटों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा के मद्देनजर प्रदर्शन के दौरान यातायात पर असर पड़ने की आशंका भी है।
गर्दनीबाग में कई दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थी
बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थी रंजीत ने बताया कि वे कई दिनों से राजधानी पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार प्रदर्शन करने के कारण घर से भी पढ़ाई छोड़कर धरने पर बैठे रहने की बात कही जा रही है, लेकिन अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी है।
रंजीत के मुताबिक, उनकी मांग है कि महिला अभ्यर्थियों को निर्धारित सीटें देने के बाद अगर सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन पर पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी वैकेंसी निकाली जाए। उन्होंने दावा किया कि दरोगा भर्ती में इसी तरह सीटें देने का प्रावधान है। ऐसे में ड्राइवर भर्ती में भी इस मांग पर विचार किया जाना चाहिए।
नियमों के तहत सीटें भरने की मांग
अभ्यर्थियों का तर्क है कि अगर भर्ती के नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो खाली सीटों को संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष उम्मीदवारों से भरने पर विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, इन सीटों को पुरुष अभ्यर्थियों से भरा जा सकता है या नहीं, इसका फैसला संबंधित भर्ती नियमों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल अभ्यर्थी अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
