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बिहार MLC चुनाव से पहले NDA में हलचल, अनंत सिंह ने नीरज कुमार से बनाई दूरी; बोले-अपने फैसले पर कायम हूं

बिहार में MLC की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर NDA विधायक दल की बैठक के बीच विधायक अनंत सिंह ने साफ किया कि वह अपने फैसले पर कायम हैं और नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे।

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विधायक अनंत सिंह

पटना : बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर आयोजित NDA विधायक दल की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में शामिल होने पहुंचे विधायक अनंत सिंह ने साफ कहा कि वे अपने फैसले पर कायम हैं और किसी भी हाल में नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। अनंत सिंह ने बैठक से पहले भी बार-बार दोहराया कि वे नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। वहीं, उन्होंने अनुज कुमार का समर्थन करने की बात कही।

अनंत सिंह के रुख को लेकर राजनीतिक हलचल तेज

दरअसल, MLC की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर NDA की अहम बैठक बुलाई गई थी, जिसमें NDA के विधायक और सांसद शामिल हुए। हालांकि, बैठक के बीच अनंत सिंह के रुख को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

गौरतलब है कि विधान परिषद की आठ सीट के लिए 23 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमें से पांच सीटें फिलहाल राजग के पास हैं और गठबंधन के सभी मौजूदा एमएलसी दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें भाजपा के चार एमएलसी शामिल हैं।

कौन हैं प्रत्याशी

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने चार सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उसके मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत कुमार सिंह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी राजग के आधिकारिक उम्मीदवार जदयू के आनंद पुष्कर के लिए मुकाबला मुश्किल हो गया है। सत्तारूढ़ गठबंधन के सबसे छोटे घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राम पुकार सिन्हा के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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