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कट्टरपंथी मॉड्यूल केस में नया मोड़, बिहार से मदरसा संचालक गिरफ्तार; चार राज्यों तक पहुंची जांच

मध्यप्रदेश एटीएस ने संदिग्ध अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल मामले में बिहार के मधुबनी से एक मदरसा संचालक को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी इस मामले में पाकिस्तान आधारित हैंडलर से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क, कट्टरपंथी सामग्री और भर्ती गतिविधियों के आरोपों की पड़ताल कर रही है।

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सांकेतिक फोटो

Photo : PTI

मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने सोमवार को एक संदिग्ध अंतरराज्यीय कट्टरपंथी मॉड्यूल के सिलसिले में बिहार में मदरसा चलाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ताजा गिरफ्तारी बिहार के मधुबनी जिले से की गई है।

मधुबनी से पकड़ा गया संदिग्ध मॉड्यूल का पुराना सदस्य

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, "कथित मॉड्यूल के अब तक के सबसे पुराने सदस्य इजहार उल हक (56) को बिहार एटीएस और स्थानीय पुलिस की मदद से मधुबनी से गिरफ्तार किया गया। वह वहां एक मदरसा चलाता है।" अधिकारी ने बताया कि इजहार को मधुबनी की एक अदालत में पेश किया गया और उसे ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश लाया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी को बुधवार को मध्य प्रदेश लाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि वही इस मॉड्यूल का सरगना है। उन्होंने कहा कि पूछताछ के बाद उसकी भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।

भोपाल से हुई थी पहली गिरफ्तारी

इस मामले में पहली गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई जब मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल निवासी मोहम्मद फराज (35) को शहर के काजी कैंप इलाके से गिरफ्तार किया। इसके बाद एटीएस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता से नईम अब्दुल्ला कुरैशी (38) और राजस्थान के अलवर जिले के मोहम्मद शाकिर (34) को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि कुरैशी को मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश एटीएस की टीमों, उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया, जबकि शाकिर को मध्यप्रदेश और राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीमों ने गिरफ्तार किया।

जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोग कथित तौर पर एक बंद ऑनलाइन समूह का हिस्सा थे, जिसे पाकिस्तान स्थित एक ’हैंडलर’ द्वारा एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग मंच के माध्यम से नियंत्रित किया जाता था। सूत्रों ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भारत में लोगों को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए विदेशी आकाओं द्वारा कथित तौर पर ऑनलाइन समूहों का इस्तेमाल किए जाने के बारे में जानकारी साझा की।

जांच अधिकारियों ने दावा किया कि भोपाल के एक निजी होम्योपैथी क्लिनिक में कार्यरत फराज कथित नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था और ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से प्रभावित हो रहा था। सूत्रों ने बताया कि फराज और कुरैशी को 16 जून तक मध्य प्रदेश एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि शाकिर को 20 जून तक आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की हिरासत में भेज दिया गया है। जांच अधिकारियों ने कहा कि कुरैशी ने कथित तौर पर लगभग दो साल पहले फराज को ऑनलाइन समूह से मिलवाया था। पुलिस ने बताया कि दोनों ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में एक मदरसे में एक साथ पढ़ाई की थी।

डिजिटल सबूतों के आधार पर एटीएस की कार्रवाई तेज

जांच अधिकारियों ने कहा कि एटीएस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल सामग्री जब्त की है, जिसमें चरमपंथी साहित्य और ऑनलाइन समूह के माध्यम से कथित रूप से साझा किए गए वीडियो शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि नेटवर्क की प्रकृति और सीमा, इसके तार और इसके सदस्यों के बीच चर्चा की गई किसी भी संभावित योजना का पता लगाने के लिए जांच जारी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ आगे बढ़ने के साथ ही इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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