शहर

Bihar Weather Today: ठंड गई नहीं है अभी… बिहार में एक बार फिर सर्दी लौटने के संकेत; तेज हवाओं और कोहरे का अलर्ट

बिहार का मौसम (बिहार में आज का मौसम कैसा रहेगा) 21 Jan 2026: बिहार में मौसम इन दिनों लगातार रंग बदल रहा है। सुबह घने बादल, दिन में तेज धूप और शाम होते-होते ठंडी हवाएं लोगों को हैरान कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सर्दी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। उत्तर बिहार के कई जिलों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम रहने की चेतावनी दी गई है, जबकि बदलता मौसम सेहत के लिए भी चुनौती बन सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं बिहार के मौसम का हाल।

Image

बिहार में फिर बदलेगा मौसम (AI Image)

बिहार में आज का मौसम (21 Jan 2026): बिहार के आसमान में इन दिनों कुदरत का अनोखा खेल देखने को मिल रहा है। मंगलवार की सुबह जब पटना समेत कई जिलों के लोगों की नींद खुली, तो बाहर का नजारा देख लोग असमंजस में पड़ गए। आसमान में घने बादलों ने डेरा डाल रखा था और सूर्यदेव कहीं छिपे हुए थे। इस मौसमी बदलाव से एक बार फिर गई ठंड के लौटने की आशंका मन में बैठ गई। हालांकि, कुछ ही देर में बादल फटे और सूरज निकल आया। यह इस बात का संकेत है कि बिहार से अब सर्दियों की विदाई का वक्त आ गया है, लेकिन ठंड अभी पूरी तरह हार मानने को तैयार नहीं है। IMD (भारत मौसम विज्ञान विभाग) ने इसकी संभावना जताई है कि बिहार में सर्दी की एक खेप और आ सकती है।

तेज रफ्तार हवाएं और तापमान का उतार-चढ़ाव

भले ही दोपहर में धूप राहत दे रही हो, लेकिन बिहार मौसम सेवा केंद्र की मानें तो अगले 1-2 दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। राज्य के कई हिस्सों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चलने का अनुमान है। ये तेज हवाएं धूप के असर को कम कर देंगी और शरीर में कनकनी पैदा करेंगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में राजगीर 27.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, वहीं बांका में पारा 23.3 डिग्री के आसपास सिमटा रहा। IMD का कहना है कि अगले एक दिन में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे गर्मी बढ़ेगी। रात के वक्त भी पारा 8 से 14 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे सुबह-शाम की ठंड बरकरार रहेगी।

बिहार के मौसम का हाल

इसके अलावा बिहार के मौसम का हाल बताएं तो, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके बाद, 21 जनवरी की रात से एक के बाद एक तेज पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर बिहार पर भी दिखेगा। राज्य के तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है जिसके बाद अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। वहीं अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के न्यूनतम तापमान मे 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिसके बाद न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है।

उत्तर बिहार में कोहरे की चादर

अगर आप यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उत्तर बिहार के जिलों, जैसे मुजफ्फरपुर, दरभंगा, चंपारण और पूर्णिया में कोहरे का भारी पहरा रहने वाला है। सुबह और देर शाम विजिबिलिटी काफी कम रहेगी, जिससे हाईवे पर गाड़ी चलाना जोखिम भरा हो सकता है। आज और कल यानी बुधवार और गुरुवार के लिए इन इलाकों में सफर कुछ परेशानी भरा रह सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को कोहरे के दौरान फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करने और रफ्तार धीमी रखने की सलाह दी है।

सेहत पर भारी न पड़ जाए बदलता मौसम

यह 'संक्रमण काल' यानी मौसम का बदलता दौर सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। पटना से लेकर गया और भागलपुर तक, पूरे बिहार में ठंड का मिला-जुला असर दिख रहा है। धूप निकलने पर अक्सर लोग गर्म कपड़े उतारने की गलती कर देते हैं, जबकि तेज हवाओं के कारण 'कोल्ड एक्सपोजर' का खतरा बना रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि तापमान में अचानक आने वाली गिरावट वायरल बीमारियों को न्यौता दे सकती है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article