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बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले; 4 लाख आय वाले परिवारों को भी मिलेगा मुफ्त इलाज, रोजगार और विकास को मिली नई रफ्तार

बिहार कैबिनेट ने बुधवार को स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और आधारभूत संरचना से जुड़े 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ाकर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है, जबकि कौशल विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, रोजगार सृजन और विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Bihar Cabinet Decisions 2026: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास, उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। कैबिनेट ने मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के दायरे का विस्तार किया है। अब तक 2.5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को इस योजना का लाभ मिलता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवार भी मुफ्त इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

मरीजों के लिए आय सीमा बढ़ाने का फैसला

बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत आर्थिक मदद प्राप्त करने वाले मरीजों के लिए आय सीमा बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब इस योजना का लाभ पाने के लिए परिवार की वार्षिक आय की अधिकतम सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है। इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी, जो इलाज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।

रोजगार सृजन की प्रक्रिया को गति

वहीं, युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लक्ष्य से युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन में 19 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों के संचालन और कर्मचारियों के वेतन आदि पर होने वाले खर्च के लिए सरकार ने प्रतिवर्ष 2.24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। सरकार का मानना है कि इससे कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

इस कार्य को भी मिली मंजूरी

बिहार कैबिनेट ने दरभंगा में स्थापित होने वाले एम्स (AIIMS) परिसर के लिए चयनित भूमि को निर्माण योग्य बनाने हेतु मिट्टी भराई और समतलीकरण कार्य कराने की मंजूरी दी है। इस प्रक्रिया में आसपास की नदियों की सफाई और उड़ाही से निकाली गई मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही इस कार्य को जल संसाधन विभाग के जरिए संपन्न कराने तथा आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है।

400 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना

बैठक में बक्सर के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स वरुण बेवरेजेज लिमिटेड की नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। इस परियोजना के तहत कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक, जूस आधारित पेय पदार्थों और अन्य उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा 3 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया जाएगा। लगभग 483.51 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से करीब 400 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी

कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार स्वास्थ्य सेवा दंत चिकित्सक संवर्ग के डॉक्टरों को उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए निर्धारित नियमों के तहत अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। बुधवार को हुई बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, निवेश को आकर्षित करने, रोजगार बढ़ाने और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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