Tej Pratap Yadav: NEET पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी दलों व सामाजिक संगठनों द्वारा बुलाए गए 'बिहार बंद' के दौरान राजधानी पटना में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में उतरे जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पुलिस ने शनिवार को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद तेज प्रताप यादव को जज के सामने पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। उनके वकीलों ने बताया कि सोमवार को अदालत में नियमित जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।
जज के सामने पेश हुए तेज प्रताप
जन शक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यू जजेज रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स स्थित अदालत में पेश किया गया। इस दौरान जन शक्ति जनता दल की कार्यकर्ता वीणा मानवी ने कहा कि हमें गिरफ्तारी का कोई कारण नहीं बताया गया है। कुछ लोग कह रहे हैं कि दिन में प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि प्रदर्शन में जाना कोई अपराध था। और अब जब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, तो मामला भी काफी हद तक शांत हो गया है। ऐसे में गिरफ्तारी की वजह क्या है? गौरतलब है कि वीणा मानवी बांकीपुर से उपचुनाव की JJD से प्रत्याशी थीं लेकिन इनका नॉमिनेशन रद्द हो गया था।
"छात्रों की मांगें जायज, उनके लिए जान भी दे सकता हूं": तेज प्रताप यादव
पुलिस हिरासत के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारी युवाओं का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा: "देश के बच्चों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। सरकार को तुरंत उनकी मांगों को स्वीकार करना चाहिए। हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। छात्रों और युवाओं के हक के लिए मैं अपनी जान भी कुर्बान करने के लिए तैयार हूं।"
उल्लेखनीय है कि शनिवार को पटना में बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली थी। आक्रोशित भीड़ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और उन्हें पलट दिया, जिसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कसा तंज
NEET विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि बीजेपी कार्यालय में मिठाइयां बांटी जानी चाहिए, क्योंकि यह इस्तीफा बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे से युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा।
