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दिवाली के जश्न के बीच भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, जगह-जगह कचरे के ढेर से लोग परेशान

दिवाली के ठीक पहले राजधानी भोपाल में सफाई कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते जगह-जगह कचरे के अंबार लग गए हैं। कर्मचारी नियमितीकरण और बोनस जैसी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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जगह जगह लगा कचरे का अंबार (सांकेतिक चित्र)

Bhopal News: रोशनी के त्योहार दिवाली के जश्न के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। शहर में सफाई कर्मचारियों की पिछले दो दिनों से चल रही अचानक हड़ताल के कारण राजधानी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि भोपाल के प्रमुख चौक-चौराहों और बाजारों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

न्यू मार्केट समेत प्रमुख बाजारों में पसरी गंदगी

राजधानी के सबसे व्यस्त और लोकप्रिय व्यावसायिक केंद्रों में शुमार न्यू मार्केट में पिछले दो दिनों से झाड़ू तक नहीं लगी है। दीवाली के सीजन में जब बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में दुकानों के बाहर और गलियों में कचरा बिखरा होने से ग्राहकों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। त्योहारी सीजन में कचरा न उठने के कारण उठ रही दुर्गंध से लोगों का हाल बेहाल है, जिससे त्योहार की रौनक फीकी पड़ती दिख रही है।

क्या हैं सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगें?

सूत्रों के मुताबिक, सफाई कर्मचारी मुख्य रूप से अपनी कुछ मांगों को लेकर लामबंद हुए हैं।

  • वेतन में वृद्धि: सफाई कर्मचारियों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 25,000 किया जाए।
  • कर्मचारियों का नियमितीकरण: वर्षों से कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन भोगी और 29-दिवसीय व्यवस्था वाले कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
  • ठेका प्रथा पर रोक: नगर निगम में ठेका (outsourcing) प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त किया जाए और सभी को सीधे निगम के तहत रखा जाए।
  • समान कार्य - समान वेतन: सभी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान काम के लिए समान वेतन और भत्ते दिए जाएं।
  • अनुकंपा नियुक्ति: सेवाकाल के दौरान दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके परिवार के आश्रित सदस्य को तत्काल नौकरी (अनुकंपा नियुक्ति) दी जाए।
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS): नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए।
  • सुरक्षा उपकरण और सुविधाएं: सफाई के दौरान सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण (जैसे ग्लव्स, मास्क, बूट्स) और स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दी जाए।

प्रशासन और अधिकारियों का पक्ष

एक तरफ जहां शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी स्थिति को संभालने के लिए कर्मचारियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही बातचीत के जरिए इस हड़ताल का समाधान निकाल लिया जाएगा, ताकि त्योहार के इन दिनों में शहरवासियों को गंदगी से राहत मिल सके और सफाई व्यवस्था को तुरंत सुचारू किया जा सके।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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