JSSC-CGL Exam: हाई कोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त किया। हाई कोर्ट ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को 'अनुचित और अन्यायपूर्ण' करार दिया।
दरअसल, राज्य सरकार ने यह फैसला अगस्त में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच लिया था। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जस्टिस दीपक रोशन ने राज्य सरकार के फैसले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सरकार का फैसला अनुचित और अन्यायपूर्ण था।
सनद रहे कि राज्य सरकार ने 18 अगस्त को JSSC-CGL परीक्षा-2024 रद्द करने की अधिसूचना जारी की थी। इस फैसले के कारण परीक्षा पास कर चुके हजारों अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी पाने की उम्मीदों पर पानी फिर गया था।
राज्य सरकार ने क्या दी दलील
राज्य सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पेपर लीक होने के साक्ष्य सामने आने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। वहीं, परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में कहा कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने से पहले उनका पक्ष सुनने का मौका तक नहीं दिया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हेमंत सोरेन सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए आंदोलन के बीच वर्ष 2014 से अब तक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और आउटसोर्स एजेंसी TDPL की ओर से आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था। इसके अलावा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश भी दिए गए थे।
