Bhopal News: बुधवार की शाम राजधानी के बैरागढ़ कलां में एक ठेकेदार ने बीवी-बच्चों समेत सुसाइड करने का प्रयास किया था। सभी को हमीदिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ठेकेदार और उसकी पत्नी और तीन बच्चों का इलाज अभी भी चल रहा है। लेकिन सबसे छोटी बेटी पूर्वा (8 साल) की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है। कर्ज से परेशान होकर ठेकेदार ने पूरे परिवार सहित जहर पीकर सुसाइड करने का प्रयास किया था।
बता दें कि, जैसे ही पुलिस को सुसाइड करने के प्रयास के घटना की जानकारी मिली थी तभी खजूरी सड़क थाना प्रभारी संध्या मिश्रा और उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। मौके पर पुलिस ने जांच-पड़ताल की। वहां पुलिस ने किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद किया। किशोर जाटव के भांजे ने बताया है कि, घटना बुधवार सुबह 6 बजे की है।
बच्चों की हालत गंभीर होने पर किया गया रेफर
ठेकेदार के भांजे ने पुलिस को बताया है कि, घटना के पहले किशोर जाटव ने उसे फोन कर अलविदा कहा था। उसके बाद सभी ने एक साथ जान देने की कोशिश की थी। किशोर ने बच्चों को दूध में जहर मिलाकर पिलाया था। पुलिस का कहना है कि, उन्हें सूचना मिली कि किशोर जाटव (40), उनकी पत्नी सीता जाटव (35), तीन बेटियों कंचन जाटव (15) अन्नू (10), पूर्वा(8) और एक बेटे अभय (12) ने सुसाइड की कोशिश की है। जिसमे पूर्वा और अन्नू की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। देर रात इलाज के दौरान पूर्वा ने दम तोड़ दिया। बच्चों की हालत खराब होने के बाद उन्हें दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था, जिसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था।
कर्ज बना जान देने का कारण
बता दें कि, दूसरी ओर सुसाइड की कोशिश करने वाले किशोर जाटव ने अपने ऊपर कर्ज ज्यादा होने की बात कही है। उसका कहना है कि, कई लोग उसका बकाया पेमेंट नहीं दे रहे थे। उसके घर से पुलिस ने एक रजिस्टर भी बरामद किया है। जिसमें हिसाब -किताब लिखा हुआ है। समय पर पेमेंट ना मिलने के कारण वह बिल्कुल काम नहीं कर पा रहा था। इसी वजह से उसने परिवार के साथ जान देने की कोशिश की।
