भोपाल

MP में दिल दहलाने वाली वारदात, फ्रिज में मिली महिला की डेडबॉडी; बदबू आने पर...

मध्य प्रदेश के देवास में फ्रिज के अंदर एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव कई दिन पुराना बताया जा रहा है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

देवास: जिले में घर के भीतर फ्रिज में एक महिला का शव मिला है। यह शव कई दिन पुराना है और पुलिस एफएसएल से शव की जांच करा रही है। यह मामला वृंदावन कॉलोनी क्षेत्र का है, यहां के एक घर से पड़ोसियों को बदबू आई, मगर घर के बाहर से ताला लगा हुआ था। इस बात की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस के जवान दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो उन्हें और भी ज्यादा बदबू आई। जब एक फ्रिज को खोला तो उसमें से महिला का शव निकला। यह शव कई दिन पुराना है। महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

महिला की नहीं हुई शिनाख्त

पुलिस को इस बात का पता चला है कि यह मकान धीरेंद्र श्रीवास्तव का है और उसे संजय पाटीदार नामक व्यक्ति ने लगभग छह माह पहले किराए पर लिया था। पुलिस ने मकान मालिक के भी बयान लिए हैं और किराएदार संजय पाटीदार की तलाश की जा रही है। महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है, इतना जरूर अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला की आयु 30 से 35 साल के बीच है। पोस्टमार्टम से ही इस बात का खुलासा हो पाएगा कि शव कितने दिन पुराना है।

पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि संजय पाटीदार और इस महिला के क्या रिश्ते थे। साथ ही इस महिला की हत्या कर शव को फ्रिज में कब रखा गया था। इतना ही नहीं इस वारदात को अंजाम किसने दिया और कितने लोग इसमें शामिल रहे होंगे, इसका पता भी लगाया जा रहा है।

बताया गया है कि पिछले कई दिनों से इस मकान में ताला लगा हुआ था। संजय पाटीदार का अपने आसपास के लोगों से ज्यादा संपर्क नहीं था, जिससे पड़ोसियों को संजय के बारे में ज्यादा पता नहीं था। पुलिस अब संजय की तलाश में लगी है। संजय के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ही हकीकत का खुलासा हो पाएगा। साथ ही मृत महिला के बारे में पता चल सकेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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