भोपाल

Valentine Week 2023: भोपाल में यहां छिपा है स्वाद का खजाना, अपने साथी संग जरूर जाएं, एन्जॉय करें डिलीशियस फूड

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 10, 2023, 04:57 PM IST

Valentine Week 2023: भोपाल तहजीब की खासियत लिए एक नवाबी रवायतों वाला शहर है। पुरानी इमारतें, हवेलियां और झीलों सहित मुगलई इतिहास अपने दामन में समेटे इस नगरी के जायके भी लाजवाब हैं। यहां के पारंपरिक स्वाद के खजाने का लुत्फ उठाना हो तो पुराने भोपाल का रूख करें। यहां आपको वेज और नाॅनवेज दोनों तरह के खाने का लजीज स्वाद मिलेगा।

Image

भोपाल में वैलेंटाइन वीक में एंजाॅय करें पार्टनर संग लजीज फूड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • खास स्वाद बसता है नमक वाली चाय में
  • पोहा- जलेबी का स्वाद नहीं चखा तो यहां आना बेकार
  • जहांगीराबाद इलाका भोपाली गोश्त कोरमा के लिए है फेमस


Valentine Week 2023: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल तहजीब की खासियत लिए एक नवाबी रवायतों वाला शहर है। पुरानी इमारतें, हवेलियां और झीलों सहित मुगलई इतिहास अपने दामन में समेटे इस नगरी के जायके भी लाजवाब हैं। यहां के पारंपरिक स्वाद के खजाने का लुत्फ उठाना हो तो पुराने भोपाल का रूख करें। यहां आपको वेज और नाॅनवेज दोनों तरह के खाने का लजीज स्वाद मिलेगा।

इस बार वैलेंटाइन वीक में अगर आप अपने पार्टनर को कुछ अलग हट के एंजाॅय करवाने की सोच रहे हैं तो लेक सिटी भोपाल से बेहतर और कोई विकल्प आपके लिए नहीं हो सकता। यहां पर आपको जायकेदार व्यंजनों के अलावा भोपाल का अतीत जानने को मिलेगा ही इसके अलावा पुराने भोपाल की संकरी गलियों से गुजरता वक्त आपको अफगानी खाने की खुशबू दीवाना बना देगी। तो चलिए फिर आपको रूबरू करवाते हैं लेक सिटी के जायके से…

खास स्वाद बसता है नमक वाली चाय में

नवाबी दौर में शुरू हुआ नमक वाली चाय का जायका अब भोपाल की पहचान बन चुका है। शाम ढलते ही पुराने भोपाल में दशकों पुरानी चाय की थड़ियों पर भीड़ उमड़ पड़ती है। इसके बाद शुरू होता है चुस्कियों का दौर, जो आधी रात तक जारी रहता है। इसे एक खास तरीके से बनाया जाता है, जिसमें साबुत नमक डाल कर मलाई के साथ परोसा जाता है। आप भी अपने पार्टनर संग इसकी चुस्कियां जरूर लें।

यूं पड़ा इसका नाम भोपाली गोश्त - कोरमा

राजधानी का जहांगीराबाद इलाका भोपाली गोश्त कोरमा के लिए फेमस है। यहां पर एक खास अंदाज में मसालों से लबरेज सिलबट्टे से कूट-कूटकर तैयार किया गया कच्चा कबाब, मटन रोगन जोश का शोरबा हो, बिरयानी पिलाफ या मटन रजाला का खास जायका हो, इनके नाम से ही मुहं में पानी आ जाता है। भोपाली गोश्त कोरमा उस दौर में भोपाल में ही पहली बार बना। यहीं वजह है कि, इस डिश का नाम भोपाल के नाम पर प्रचलन में आया। इसे खड़े मसाले के साथ स्पाइसी ग्रेवी में तैयार किया जाता है। इसके बाद बटर रोटी व कटे प्याज के साथ गर्मागर्म परोसा जाता है। वहीं भोपाली बिरयानी कश्मीरी व्यंजनों की एक डिश है, लेकिन अब यहां के लोगों की पसंद बन चुका है।

पोहा-जलेबी

लेक सिटी में आएं हैं और पोहा- जलेबी का स्वाद नहीं चखा तो यहां आना बेकार है। इसका जायका चखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इसका जायका हल्का खट्टा- मीठा होता है। यही वजह है कि, ये दूसरे जगह के पोहे से अलग होता है। इसे बारीक कटे प्याज, रतलामी सेव, मूंगफली और ऊपर से जलेबी रखकर परोसा जाता है। वहीं दाल पानिये अलीराजपुर क्षेत्र की एक ट्रेडिशनल डिश है। इसके शहरी और ग्रामीण दोनों जगह पसंद किया जाता है। यह तुवर, चना, उड़द, मूंग दाल के मिश्रण से बनाई जाती है।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article