भोपाल

मौत के महीनों बाद मिली महिला की डायरी ने सबको किया भावुक, हॉकर से लेकर डॉक्टर तक को कहा थैंक्यू

उज्जैन की लीना, जिनकी अप्रैल में मृत्यु हो गई, उनकी डायरी मिलने पर परिवार भावुक हो गया है। डायरी में उन्होंने डॉक्टरों, सैनिकों, हॉकरों और शिक्षकों सहित समाज में योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद कहा है। यह डायरी अब परिवार के लिए उनकी यादों का अनमोल हिस्सा बन गई है।

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मौत के चार महीने बाद परिवार को मिली डायरी

Photo : Times Now Digital

Ujjain: उज्जैन की एक महिला, जिसकी कुछ महीनों पहले हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई उनका परिवार अब उन्हें एक नए तरीके से याद करने लगा है। इसका कारण है उनकी डायरी का मिलना, जिसमें उन्होंने घर अखबार पहुंचाने वाले हॉकर से लेकर सेना के जवानों को धन्यवाद किया है।

अप्रैल में हुई मौत

उज्जैन के धन्नालाल की चाल मे रहने वाली लीना को साल 2012 में किडनी की एक गंभीर बीमारी के बारे में पता लगा था। इस बीमारी के बावजूद उन्होंने अपने हौसले पर बीमारी को कभी हावी नहीं होने दिया। साल 2023 में जब लीना की तबीयत बिगड़ी और उनका डायलिसिस शुरू हुआ तब भी वह परिवार के लोगों के साथ हंसी खुशी से रहती रहीं। इसी साल 22 अप्रैल को कार्डियक अरेस्ट के कारण लीना की मौत हो गई।

परिवार को मिली डायरी

लीना के पति संजय वर्मा ने बताया कि दो दिनों पहले उन्हें घर की साफ सफाई के दौरान एक डायरी मिली, जिसमें लीना ने उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया है, जिन्हें वो या तो जानती थीं या फिर वो देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं। लोगों को नया जीवन देने वाले डॉक्टर हों, सरकार की योजनाएं, किसान, जवान से लेकर, अखबार पहुंचाने वाले हॉकर, शिक्षकों समेत हर उस व्यक्ति का धन्यवाद दिया है जिसे लीना जानती थी। संजय वर्मा ने बताया कि उनके दो बेटे हैं पार्थ और रुद्राक्ष। जिनको लीना काफी चाहती थीं और ध्यान रखती थीं। पार्थ ने अपनी मां की याद में कई तस्वीरें भी बनाई हैं, इस डायरी के मिलने के बाद लीना के यादों के सहारे में एक नई चीज जुड़ी है।

Makarand Kale
मकरंद काले author

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist ह... और देखें

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