भोपाल

गरीब आदिवासी की चमकी किस्मत, धरती का सीना चीर निकाला लाखों का हीरा

कहते हैं किस्मत पलटते देर नहीं लगती। किस्मत कभी भी पलटी मार सकती है। ऐसा ही कुछ हुआ मध्य प्रदेश में पन्ना के एक गरीब आदिवासी के साथ। वह कई वर्षों से ऑफ सीजन में पन्ना खदान में हीरा खोजने के लिए खुदाई करता था। आखिर उसे 19.22 कैरेट का लाखों का हीरा हाथ लग ही गया।

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गरीब आदिवासी को मिला हीरा

Photo : Times Now Digital

ऊपर वाला जब देता है तो छप्पर फाड़ के देता है, ये कहावत तो आपने सुनी होगी... लेकिन मध्य प्रदेश के एक गरीब आदिवासी की किस्मत ऊपर वाले ने धरती फाड़ के चमका दी। पन्ना जिले के अहिरगंवा गांव के निवासी चुनवादा गौंड की किस्मत ने ऐसी लटी मारी कि वह रातों-रात लखपति बन गया है। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला -

किस्मत ने ऐसे मारी पलटी

मध्य प्रदेश का का पन्ना बेशकीमती हीरों के लिए दुनियाभर में विख्यात है। इसी बन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती ने एक गरीब आदिवासी की किस्मत ऐसी चमकाई की आज देशभर के अखबारों में उसका नाम है। चुनवादा गौड़ नाम के इस व्यक्ति को पन्ना जिले में कृष्ण कल्याणपुर (पटी) की उतरी हीरा खदान से 19.22 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिला है।

हीरे की कीमत

चुनवादा गौंड़ को पन्ना की खदान से जो हीरा मिला है, उसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है। इस गरीब आदिवासी ने अपने हीरे को जिला कार्यालय में जमा करवा दिया है। अब इस हीरे को अगली आने वाली नीलामी में रखा जाएगा।

दिन रात की मेहनत रंग लाई

चुनवादा गौंड ने सिर्फ 200 रुपये की रसीद कटवाकर हीरा कार्यालय से 20 मई 2024 को कृष्ण कल्याणपुर के पटी क्षेत्र में हीरा खदान खोदने के लिए पट्टा बनवाया था। चुनवादा को 8x8 मीटर की जगह दी गई, जिसमें वह हीरे की खोज के लिए खुदाई कर सकता था। एक बार पट्टा जारी होने के बाद चुनवादा ने पत्नी और बच्चों के साथ दिन-रात एक कर हीरे की तलाश में खुदाई जारी रखी। दो महीने तक कड़ी मेहनत करने के बाद आखिरकार उसकी किस्मत पलटी और जैम क्वालिटी का 19.22 कैरेट का हीरा हाथ लगा।
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19.22 कैरेट का हीरा

चुनवादा को मिलेंगे लाखों रुपये

दरअसल खुदाई के दौरान चुनवादा गौंड की तबीयत शराब हो गई, उनके बेटे राजू गौंड ने बुधवार को हीरे को हीरा कार्यालय में जमा करवाया है। अब हीरे की नीलामी की जाएगी और इस नीलामी में जो भी रकम मिलेगी, उसमें से 12 फीसद टैक्स और 1 फीसद टीडीए काटकर बांकी रकम चुनवादा के खाते में भेज दी जाएगी।

राजू गौंड ने बताया कि हीरा मिलने से उनके परिवार में खुशी की लहर है। मिलने वाले पैसे से क्या करोगे के प्रश्न पर वह कहते हैं कि बच्चे बढ़ने वाले हैं, उनकी पढ़ाई में लगेगा। कुछ जमीन खरीद लेंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि वह कई वर्षों से खुदाई का काम कर रहे हैं, इस दौरान उन्हें 3-4 लाख का कर्जा हो गया है, इससे कर्जा भी चुक जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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