भोपाल

509 पटवारियों के बदले जिले, टीचर्स की सूची जल्द; एमपी में कर्मचारियों के तबादले

प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले की अंतिम तिथि अब केवल तीन दिन दूर है, और इस बार तारीख बढ़ने की कोई संभावना नहीं है। इसलिए, जिन विभागों में अभी तक तबादला आदेश जारी नहीं हुए हैं, उनके विभाग प्रमुखों को अगले तीन दिनों के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : Times Now Digital

भोपाल : मध्यप्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया में अब केवल तीन दिन बचे हैं, और इस बार डेडलाइन बढ़ने की संभावना नहीं है। आयुक्त भू अभिलेख अनुभाग, श्रीवास्तव ने 509 पटवारियों की तबादला सूची जारी की है, जिसमें पटवारियों का एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण किया गया है। प्रदेश में कुल 22,000 से अधिक पटवारी हैं। तबादला नीति के अनुसार, केवल वे पटवारी जो 16 फरवरी 2024 को घोषित होने वाली पटवारी परीक्षा 2022 के परिणाम से पहले नियुक्त हुए हैं, वे दूसरे जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिन पटवारियों के खिलाफ लोकायुक्त में आपराधिक मामले चल रहे हैं, वे तबादले के लिए अपात्र माने जाएंगे। पटवारियों को उनके गृह तहसील से हटाने का निर्णय लिया गया है, जिससे कलेक्टरों द्वारा गृह तहसील में पदस्थ पटवारियों का स्थानांतरण किया जा रहा है।

इसके अलावा, राजस्व निरीक्षकों की तबादला सूची भी जल्द जारी होने की संभावना है। राजस्व विभाग ने पहले ही 159 प्रभारी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की तबादला सूची जारी की है। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया 16 जून तक पूरी होनी है, और आज पहली स्थानांतरण सूची जारी होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों के लिए तबादला आदेश जारी करने की समय सीमा 17 जून तक बढ़ा दी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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