भोपाल

इंदौर की बिटिया को सलाम, पिता की जान बचाने के लिए दिखाया गजब का हौसला; लीवर डोनेट करने की मिली मंजूरी

Liver Transplant: मध्य प्रदेश के इंदौर की एक नाबालिग लड़की ने अपने बीमार पिता को लीवर डोनेट करने का फैसला किया है। इसके लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने मुहर लगा दी है और लड़की को लीवर डोनेट करने की अनुमति दे दी है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : PTI

Liver Transplant: मध्य प्रदेश के इंदौर की एक नाबालिग लड़की ने साहसी कदम उठाया है। उसने अपने बुजुर्ग पिता को लीवर डोनेट करने का फैसला किया है, जिसे कोर्ट से मंजूरी मिल गई है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक किसान को गुरुवार को इस बात की मंजूरी दी कि वह प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए अपनी 17 वर्षीय बेटी से इस अंग का हिस्सा दान में ले सकता है।

कोर्ट से लगाई थी गुहार

इंदौर के ग्रामीण क्षेत्र में खेती-किसानी करने वाले शिवनारायण बाथम (42) ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके गुहार लगाई थी कि उनकी 17 वर्षीय बेटी उन्हें अपने लीवर का हिस्सा दान करने को तैयार है और उन्हें प्रतिरोपण की अनुमति दी जाए। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा के सामने याचिका पर सुनवाई के दौरान शासकीय वकील ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार की ओर से गठित चिकित्सकीय बोर्ड ने नाबालिग लड़की की स्वास्थ्य जांच के बाद पाया है कि वह अपने बीमार पिता को लीवर का हिस्सा दान कर सकती है।

कोर्ट ने दी अनुमति

इसके बाद अदालत ने चिकित्सकीय बोर्ड की इस रिपोर्ट के मद्देनजर बाथम की याचिका मंजूर कर ली। एकल पीठ ने यह ताकीद भी की कि लीवर प्रत्यारोपण की प्रक्रिया तमाम एहतियात बरतते हुए जल्द से जल्द पूरी की जाए। बाथम के वकील निलेश मनोरे ने बताया कि पिछले छह साल से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे उनके मुवक्किल शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

बेटी ने लीवर डोनेट करने की जताई इच्छा

मनोरे ने बताया कि उनके मुवक्किल की पांच बेटियां हैं और उन्हें अपने लीवर का हिस्सा दान करने की इच्छा जताने वाली बेटी उनकी सबसे बड़ी संतान है। उन्होंने बताया कि प्रीति 31 जुलाई को 18 साल की हो जाएगी। मनोरे ने बताया कि बाथम के पिता 80 साल के हैं, जबकि उनकी पत्नी मधुमेह की मरीज हैं। इसलिए उनकी बेटी उन्हें लीवर का हिस्सा दान करने के लिए आगे आई ताकि वह अपने बीमार पिता की जान बचा सके। बाथम ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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