भोपाल

माखनलाल यूनिवर्सिटी में Cyber-AI की होगी पढ़ाई, जॉब ओरिएंटेड शिक्षा को बढ़ावा देने का प्लान

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अध्ययन की विधि में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देशित किया है कि विश्वविद्यालय में 'साइबर' और 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' जैसे समकालीन विषयों पर आधारित नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाए।

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सीएम मोहन यादव (इमेज क्रेडिट Mohan Yadav Twitter )

भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अध्ययन के तरीके में बदलाव लाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में 'साइबर' और 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' जैसे आधुनिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण जैसी गतिविधियों को भी शुरू करना चाहिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दी गई, जिसमें एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव एंड राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), और एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, जॉब ओरिएंटेड शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रीवा और खंडवा परिसरों में कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। विश्वविद्यालय के पीएचडी नियमों को यूजीसी के पीएचडी अधिनियम 2022 के अनुसार अपडेट करने की भी मंजूरी दी गई।

आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस डिटेक्शन मशीन का उपयोग किया जाएगा। नए मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में प्रिंटिंग प्रेस और पैकेजिंग लैब की स्थापना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। अंत में, चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतनमान को लागू करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया, जिससे कर्मचारियों को लाभ होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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