भोपाल

माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी में लड़की को लेकर आपस में भिड़े छात्रों के दो गुट, हॉस्टल में जमकर चले लात-घूंसे

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 1, 2023, 10:46 AM IST

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के हॉस्टल में बाहरी छात्रों ने आकर तोड़फोड़ की। इस दौरान छात्रों के बीच गाली- गलौज भी हुई, जिसके सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं।

Makhanlal Chaturvedi University: माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि दो छात्रों में एक लड़की को लेकर झगड़ा हो गया, जिसके बाद जमकर हिंसा हुई। बाहरी छात्रों ने आकर विश्वविद्यालय के हॉस्टल में तोड़फोड़ भी की, जिसके सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं। दूसरी तरफ, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दी है।

जानकारी के मुताबकि, पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विशन खेड़ी कैंपस में छात्रों में विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि फाईनल ईयर और फर्स्ट ईयर के छात्रों के बीच कैंटीन में कहासुनी हुई थी। इसके बाद फर्स्ट ईयर के छात्र ने साथियों के साथ मिलकर फाइनल ईयर के छात्र को पीट दिया और हॉस्टल भाग गए। इसके कुछ देर बाद फाइनल ईयर का छात्र अपने साथियों को लेकर हॉस्टल पहुंच गया और तोड़फोड़ शुरू कर दी।

बुलानी पड़ी पुलिस

छात्रों के बीच लड़ाई की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत कराने की कोशिश की। हालांकि, छात्रों के बीच लड़ाई बढ़ती ही गई, जिसके बाद पुलिस बुलानी पड़ी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही छात्र वहां से फरार हो गए। घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिसमें छात्र हॉस्टल के दरवाजों में लात मारते और तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं।

बनाई गई कमेटी

लड़की को लेकर छात्रों के बीच हुए झगड़े के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों छात्रों के पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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