भोपाल

Ujjain News: महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं की तरह दर्शन करेंगे नेता, आचार संहिता के कारण हटा VIP कोटा

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद राज्य में आचार संहिता लागू हो गया है। इसके बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने नेताओं के लिए राजनीतिक कोटा खत्म कर दिया है। इससे आम श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।

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महाकाल मंदिर में हटा राजनीतिक कोटा

KEY HIGHLIGHTS
  • मध्य प्रदेश में आचार संहिता
  • महाकाल मंदिर में नेताओं का कोटा खत्म
  • आम श्रद्धालुओं की तरह होंगे दर्शन

Mahakal temple : मध्य प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद महाकाल मंदिर में नेताओं के लिए वीआईपी कोटा खत्म हो गया है। महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले नेताओं को राजनीतिक आधार पर वीआईपी कोटा दिया जाता था, लेकिन राज्य में आचार संहिता लगने के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इस कोटे को बंद करने का फैसला लिया है। अब इन नेताओं को आम श्रद्धालुओं की तरह मंदिर में दर्शन के लिए आना होगा। इस फैसले से आम श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।

330 श्रद्धालुओं की बढ़ोत्तरी

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने भस्म आरती कोटे को खत्म करने के साथ ही नेताओं के दिनभर में होने वाले दर्शन कोटे को भी खत्म कर दिया है। इसके लिए जो ग्रुप बनाया गया था उसे भी डिएक्टिवेट कर दिया गया है। इस कोटे में दर्शनार्थियों की संख्या को आनलॉइन भस्म आरती में बदल दिया गया है। जिससे अब ऑनलाइन भस्म आरती के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। राजनेताओं का कोटा समाप्त होने के बाद ऑनलाइन भस्म आरती परमिशन में 330 श्रद्धालु बढ़े है।

शीघ्र दर्शन के लिए देना होगा भुगतान

महाकाल मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि पहले ऑनलाइन संख्या 400 होती थी, लेकिन राजनीतिक कोटा खत्म होने के बाद इसमें 330 और लोगों की बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने बताया कि दिन में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के भी दो कोटे चलते थे। उसे भी खत्म करने किया गया है और उसकी संख्या को भी आम श्रद्धालुओं में ट्रांसफर किया गया है। अगर किसी जनप्रतिनिधि को जल्दी दर्शन करना है तो उसे नियम के अनुसार शीघ्र दर्शन के लिए तय शुल्क का भुगतान करना होगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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