भोपाल

मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण: CM शिवराज बोले- MP की स्थिति मजबूत, 2022-23 में 16.43 प्रतिशत रही विकास दर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 28, 2023, 07:28 PM IST

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश वित्तीय अनुशासन, सर्व समावेशी विकास और कर- संग्रहण में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन अच्छा है। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। पूंजीगत व्यय में भी वृद्धि हुई है। प्रदेश की औद्योगिक विकास दर भी बढ़ी है। प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2022-23 में 16.43 प्रतिशत है।

Image

एमपी में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि

Photo : Twitter

मंगलवार को मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण आया इस सर्वेक्षण को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सर्वेक्षण के तथ्य सिद्ध करते हैं कि मध्यप्रदेश की

आर्थिक स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा कि एक तरफ हमने वित्तीय अनुशासन और सुशासन के साथ सर्वसमावेशी विकास किया है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के बजट का आकार तथा कर संग्रहण भी लगातार बढ़ा है।

क्या कहा सीएम ने

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश वित्तीय अनुशासन, सर्व समावेशी विकास और कर- संग्रहण में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन अच्छा है। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। पूंजीगत व्यय में भी वृद्धि हुई है। प्रदेश की औद्योगिक विकास दर भी बढ़ी है। प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2022-23 में 16.43 प्रतिशत है। इसके पहले 2021-22 में कोविड की परिस्थतियों के बावजूद यह वृद्धि दर 18.02 प्रतिशत थी। वर्ष 2001-02 में यह मात्र 4.43 प्रतिशत थी। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 13 लाख 22 हजार 821 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह वर्ष 2001-02 में 71 हजार 594 करोड़ रुपये था। इस प्रकार सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में तब और अब में 18 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।

प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि

चौहान ने कहा कि वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय एक लाख 40 हजार 583 रुपये होने का तथ्य सामने आया है। वर्ष 2011-12 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ कर 38 हजार 497 रुपये हुई थी। इसके पहले वर्ष 2001-02 में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 11 हजार 718 रुपये थी। ऋण और जीएसडीपी अनुपात की चर्चा करें, तो इस क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अच्छा है। ताजा आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि वर्ष 2005 में जो ऋण जीएसडीपी अनुपात 39.5 प्रतिशत था। वह वर्ष 2020-21 में 22.6 प्रतिशत रहा। राज्य का पूंजीगत व्यय 37 हजार 89 से बढ़ कर अब 45 हजार 685 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि 23.18 प्रतिशत है और राज्य के इतिहास में सर्वाधिक पूंजीगत व्यय है। कोविड की परिस्थितियों में भी राज्य के राजस्व को बढ़ाने का प्रयास करते हुए आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के विजन के साथ कार्य किया गया। गत तीन वर्ष में यह प्रतिवर्ष 7.94 प्रतिशत के कम्पाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा है। राजकोषीय समेकन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निरंतर राजस्व बढ़ाने का कार्य हुआ है। प्रायोरिटी सेक्टर लैंडिंग के विस्तार का कार्य भी हुआ है।

कृषि विकास दर में वृद्धि और किसानों के लिए सुविधाएं

किसानों को ऋण में 13.41 प्रतिशत और एमएसएमई क्षेत्र में 30.22 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2001-02 में कृषि विकास दर सिर्फ तीन प्रतिशत थी, जो अब 19 प्रतिशत हो गई है। राज्य ने वर्ष 2013-14 में 174.8 लाख टन की तुलना में वर्ष 2022-23 के अग्रिम अनुमान में 352.7 लाख टन गेहूं उत्पादन की सफलता और गेहूं के निर्यात में मध्यप्रदेश की 46 प्रतिशत भागीदारी की उपलब्धि भी अर्जित की है। धान की पैदावार 53.2 लाख से बढ़ कर 131.8 लाख टन हो गई है।

लघु व्यवसायियों के कल्याण में सबसे आगे प्रदेश

औद्योगिक विकास दर, जो वर्ष 2001-02 में महज 0.61 प्रतिशत थी, अब बढ़ कर 24 प्रतिशत है। स्ट्रीट वेण्डर्स के कल्याण का कार्य भी प्रदेश में बखूबी किया गया है। मध्यप्रदेश सवा 5 लाख शहरी इलाकों के लघु व्यवसायियों (स्ट्रीट वेण्डर्स) को 521 करोड़ से ज्यादा राशि का ऋण देकर देश में सबसे आगे है। सिंचाई क्षमता 585 प्रतिशत बढ़ी है। वर्ष 2003 में सिंचाई क्षमता 7 लाख 50 हजार हेक्टेयर थी, जो अब 45 लाख हेक्टेयर से अधिक है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article