Karwa Chauth 2023 Moonrise Time in Bhopal: करवाचौथ का पर्व शादीशुदा महिलाओं के लिए बहुत खास होता है। इस दिन चांद का विशेष महत्व होता है क्योंकि चांद की पूजा के बाद ही यह व्रत पूरा होता है। करवा चौथ के व्रत से दांपत्य जीवन में भी मधुरता बढ़ती है। शादीशुदा महिला इस दिन बिना कुछ खाए पीए रहती हैं और शाम को चांद को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं। करवा चौथ के दिन सभी बेसब्री से चांद निकलने का इंतजार कर रहे होते हैं। खास तौर से महिलाओं को इस दिन चांद अपने दीदार के लिए बहुत तरसाता है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस दिन चांद को देखने के लिए महिलाओं को कितना इंतजार करना होगा, आइए जानते हैं।
इस समय निकेलगा चांद
हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ पड़ता है। इस दिन विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत का पालन करती हैं। हालांकि आज के समय में कई जगहों पर पति भी इस व्रत का पालन करते हैं। आज ही करवा चौथ का ये पर्व मनाया जा रहा है। आज भोपाल में 8 बजकर 29 मिनट पर चांद निकलेगा। जिसके बाद महिलाएं चांद को पूजकर अपना व्रत पूरा करेंगी।
इन देवी-देवताओं की होती है पूजा
करवा चौथ के व्रत के लिए पूजा सामग्री में महिलाएं करवा, छलनी, दिया, फूलपत्ती आदि चीजें खरीदती हैं। इसके अलावा श्रृंगार के लिए सुहागन का सारा सामान भी खरीदा जाता है। करवा चौथ पर चांद निकलने से पहले भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और करवा माता की पूजा की जाती है। जिसके बाद चांद निकलने पर चांद को अर्घ्य दिया जाता है। जिसके बाद पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत को संपन्न करता है।
