भोपाल

मध्य प्रदेश चुनाव: कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर आर-पार, स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक आपस में भिड़े नेता

  • Authored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated Oct 4, 2023, 06:54 AM IST

Madhya Pradesh Vidhan Sabha Elections 2023 : मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान शु्रू हो गया है। कमलनाथ-दिग्विजय सिंह गुट के सामने बाकी नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है।

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मध्य प्रदेश में टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में घमासान

Photo : BCCL

Madhya Pradesh Vidhan Sabha Elections 2023 : मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस भले ही जीत की दावेदारी कर रही हो लेकिन टिकट बंटवारे को लेकर हो तकरार से सत्ता की राह आसान नहीं दिख रही है। मंगलवार को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की हुई बैठक एमपी के दिग्गज कांग्रेसी नेता आपस में टकरा गए। सूत्रों के मुताबिक विवाद तब शुरू हुआ जब कमलनाथ-दिग्विजय सिंह गुट के सामने बाकी नेताओं ने मोर्चा खोलते हुए क्षेत्रवार टिकट बंटवारे की मांग उठा दी।

कमलनाथ का तंज और फिर उठ खड़ा हुआ बवाल

दिल्ली में 15 जीआरजी पर 10 घंटे तक चली मैराथन बैठक में काफी गहमागहमी रही। सूत्र बताते हैं कि बैठक शुरू होने से पहले ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी कमेटी के सामने अपनी शिकायतें लेकर हाजिर हो गए। नाराज जीतू का कहना था कि उनके कद के हिसाब से न ही टिकट बंटवारे में और न ही पार्टी में उन्हें तवज्जो नहीं दी जा रही। बैठक से पहले ही टिकटों के लिए अपने सुझावों की सूची सौंपकर वो इंदौर रवाना हो गए।

इसके बाद जब बैठक शुरू हुई तो जीतू पटवारी की नाराजगी की फेहरिस्त गिनवाई गई। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शब्दों के तीर चलाते हुए ये कह दिया कि नेता अपने अपने इलाके के ही उम्मीदवारों का नाम दें, इससे ज्यादा नहीं। कमलनाथ का ये कहना भर था कि गोविंद सिंह और अरुण यादव ने इस बात के खिलाफ झंडा बुलंद कर दिया। दरअसल एक ही पिच पर बैटिंग कर रहे कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी ये चाहती थी कि टिकट बंटवारे में उनका दबदबा रहे।

हालांकि इस वाद विवाद के बीच कमलनाथ और दिग्विजय तब सकते में आ गए जब कद्दावर नेता अजय सिंह उर्फ राहुल भैया ने बैठक में प्रस्ताव दिया। अजय सिंह ने कहा कि अगर हमें राज्य में एक क्षेत्र विशेष का ही नेता माना जा रहा है तो कम से कम उसी हिसाब से टिकट बांट दिया जाए। इस बात का काटते हुए कमलनाथ ने विरोध जता दिया। उसके बाद बैठक का माहौल गरम हो गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल मध्य प्रदेश को 6 भागों में बांटा जाता है- मालवा निवाड़, ग्वालियर चंबल, महाकौशल, मध्य भारत, विंध्य और बुंदेलखंड। इन्ही क्षेत्र विशेष के आधार पर ही बाकी सभी नेताओं ने टिकट की मांग की।

माहौल बिगड़ता देख स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन जितेंद्र सिंह ने सबको शांत कराया और बीच बचाव करते हुए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की। उन्होंने कमलनाथ को समझाते हुए कहा कि कम से कम इन लोगों को नाम तो देने दीजिए, बाकी बाद में देखा जाएगा।

100 सीटों पर नाम तय, मुहर लगना बाकी

सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में 230 में से 150 से ज़्यादा सीटों पर 10 घंटे की मैराथन चर्चा हुई। लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि 100 सीटों पर एक ही नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाना है। इसका मतलब ये हुआ कि 230 में से 100 सीटों पर स्क्रीनिंग कमेटी ने एक उम्मीदवार तय कर लिया है।

इन 100 नामों पर मुहर लगाने के लिए 7 अक्टूबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी, जिसमें स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के साथ अध्यक्ष खरगे, सोनिया और राज गांधी के अलावा प्रियंका गांधी भी मौजूद रहेंगी।

गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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