भोपाल

बागेश्वर धाम में एक-दूजे होंगे इतने जोड़े, गिफ्ट में मिलेंगे इतने हजार रुपये; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेकर आईंं उपहार

Bageshwar Dham Samuhik Vivah: मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वरधाम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में दूल्हे और दुल्हन को बतौर गिफ्ट 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित निर्धन बालिकाओं के विवाह समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सभी जोड़ों के लिए उपहार लेकर आईं।

Image

बागेश्वरधाम सामूहिक विवाह समारोह (फाइल फोटो)

Bageshwar Dham Samuhik Vivah: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला स्थित बागेश्वरधाम में महाशिवरात्रि पर गरीब बेटियों के लिए विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया कि राज्य सरकार की योजना के मुताबिक, सभी जोड़ों को 51-51 हजार रुपए दिए जाएंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित निर्धन बालिकाओं के विवाह समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सभी जोड़ों के लिए उपहार लेकर आईं। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सरकार की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी जोड़ों को राज्य सरकार की योजना के अनुसार 51 हजार रुपए दिए जाएंगे। इस विवाह समारोह में कई संदेश छिपे हुए हैं, जो आज की दृष्टि से भी हम सभी के लिए उपयोगी हैं। यह ऐसा समारोह है, जो जाति विषमताओं के खिलाफ लड़ने के साहस और संघर्ष को दर्शाता है, धाम में मौजूद लोग इसके साक्षी बने।

251 घोड़ों पर दूल्हे आए

उन्होंने कहा कि यहां 251 घोड़ों पर दूल्हे आए हैं। यह सामाजिक सद्भाव का उदाहरण बना है, क्योंकि घोड़े पर बैठने को लेकर कई तरह की बातें आती रही हैं। इस आयोजन के शुरू होने की कहानी भी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताई। उन्होंने बताया कि अपनी बहन की शादी के दौरान उन्होंने किस तरह की समस्याओं का सामना किया था, तभी उन्होंने प्रण कर लिया था कि जब सामर्थ्यवान बनेंगे तो निर्धन कन्याओं की शादी कराएंगे। अब उसी के तहत यह समारोह सात साल से आयोजित कर रहे हैं।

दूसरी तरफ पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश के मंदिरों और मठों की दान पेटियों को गरीब बेटियों के लिए खोलने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा हो जाता है तो भारत को विश्व गुरु बनने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने अपनी बहन की शादी में आई दिक्कत का जिक्र करते हुए बताया कि जब बहन की शादी की, उस दौरान उन्हें कर्ज लेना पड़ा, भंडारे का इंतजाम मुश्किल हुआ, तभी तय किया कि जैसे हमें अपनी बहन के विवाह के लिए इतना परेशान और निराश होना पड़ रहा है, वैसा भारत के किसी अन्य भाई को परेशान न होना पड़े। भगवान ने सामर्थ्यवान बनाया तो यह कार्यक्रम कर रहे हैं।

उन्होंने आगे बताया कि इस विवाह समारोह के लिए बेटियों का चयन एक प्रक्रिया के तहत समिति के लोग करते हैं। धीरेंद्र शास्त्री आगे बोले कि जब बेटियां यहां से विदा होती हैं तो मन प्रसन्नता से भर जाता है। पिछले सात साल से यहां निर्धन बेटियों के विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार कैंसर अस्पताल का शिलान्यास हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article