भोपाल

कुनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, अब बचे हैं सिर्फ 24 चीते

कुनो नेशनल पार्क में पवन नाम के चीते की मौत हो गई है। चीते की मौत डूबने के कारण बताई जा रही है। अब तक कई चीतों की मौत हो चुकी है।

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मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में पवन नामक नामीबियाई चीते की मौत (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

KEY HIGHLIGHTS
  • कुनो नेशनल पार्क में चीते की मौत
  • डूबने से चीते की मौत
  • अब बचे हैं सिर्फ 12 व्यस्क चीते

मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में एक और चीते ही मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार पवन नामक नामीबियाई चीते की मौत हो गई है। करीब से निरीक्षण करने पर पता चला कि चीते के शव का अगला आधा हिस्सा, जिसमें सिर भी शामिल है, पानी के अंदर था। बयान के अनुसार, शरीर पर कहीं भी कोई बाहरी चोट नहीं देखी गई। कुनो नेशनल पार्क में अब 24 चीते बचे हैं, जिनमें 12 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं।

डूबने से चीते की मौत

मंगलवार को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीता पवन मृत पाया गया। नर चीते की मौत का प्रारंभिक कारण डूबना प्रतीत होता है। उसका शरीर आंशिक रूप से पानी में डूबा हुआ पाया गया, जिस पर कोई बाहरी चोट नहीं थी।

अधिकारियों ने क्या कहा

APCCF और लॉयन प्रोजेक्ट के निदेशक ने कहा- "आज सुबह करीब 10.30 बजे नामीबियाई नर चीता पवन झाड़ियों के बीच नाले के किनारे बिना किसी हरकत के पड़ा मिला... प्रारंभिक तौर पर मौत डूबने से हुई लगती है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की जानकारी मिलेगी।"

प्रोजेक्ट चीता

'प्रोजेक्ट चीता' के तहत, आठ नामीबियाई चीते - पांच मादा और तीन नर - सितंबर 2022 में मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़े गए। इसके बाद, फरवरी 2023 में, दक्षिण अफ्रीका से अतिरिक्त 12 चीते लाए गए। इस परियोजना का उद्देश्य भारत के पारिस्थितिकी तंत्र में चीतों को फिर से शामिल करना है, जोकि आज़ादी के बाद देश में विलुप्त हो गए थे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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