मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में एक और चीते ही मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार पवन नामक नामीबियाई चीते की मौत हो गई है। करीब से निरीक्षण करने पर पता चला कि चीते के शव का अगला आधा हिस्सा, जिसमें सिर भी शामिल है, पानी के अंदर था। बयान के अनुसार, शरीर पर कहीं भी कोई बाहरी चोट नहीं देखी गई। कुनो नेशनल पार्क में अब 24 चीते बचे हैं, जिनमें 12 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं।
डूबने से चीते की मौत
मंगलवार को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीता पवन मृत पाया गया। नर चीते की मौत का प्रारंभिक कारण डूबना प्रतीत होता है। उसका शरीर आंशिक रूप से पानी में डूबा हुआ पाया गया, जिस पर कोई बाहरी चोट नहीं थी।
अधिकारियों ने क्या कहा
APCCF और लॉयन प्रोजेक्ट के निदेशक ने कहा- "आज सुबह करीब 10.30 बजे नामीबियाई नर चीता पवन झाड़ियों के बीच नाले के किनारे बिना किसी हरकत के पड़ा मिला... प्रारंभिक तौर पर मौत डूबने से हुई लगती है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की जानकारी मिलेगी।"
प्रोजेक्ट चीता
'प्रोजेक्ट चीता' के तहत, आठ नामीबियाई चीते - पांच मादा और तीन नर - सितंबर 2022 में मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़े गए। इसके बाद, फरवरी 2023 में, दक्षिण अफ्रीका से अतिरिक्त 12 चीते लाए गए। इस परियोजना का उद्देश्य भारत के पारिस्थितिकी तंत्र में चीतों को फिर से शामिल करना है, जोकि आज़ादी के बाद देश में विलुप्त हो गए थे।
