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ट्विशा शर्मा मौत मामला: पूर्व जज और सास गिरिबाला सिंह को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

भोपाल की विशेष अदालत ने पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

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ट्विशा शर्मा केस में सास गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी खारिज

Twisha Sharma Death Case: भोपाल की एक विशेष अदालत ने पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका शनिवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। गिरिबाला सिंह ट्विशा शर्मा की सास हैं। ट्विशा 12 मई को अपने ससुराल स्थित घर में फंदे से लटकी मिली थीं। इसके बाद गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को दहेज के लिए प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रहा है।

मानवीय आधार पर जमानत की मांग

जमानत याचिका पहले विशेष न्यायाधीश नीलम शुक्ला की अदालत में सूचीबद्ध थी, लेकिन उन्होंने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। इसके बाद मामला विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्रा की अदालत में स्थानांतरित किया गया, जहां दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनी गईं। अदालत ने शुक्रवार को अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बचाव पक्ष ने मानवीय आधार पर जमानत की मांग करते हुए दलील दी कि गिरिबाला सिंह वृद्ध हैं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं और उन्हें जेल में समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है।

दहेज मांगने का आरोप तर्कसंगत नहीं

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि गिरिबाला सिंह की मां (जिनकी उम्र करीब 100 साल है) उनकी देखभाल पर निर्भर हैं। उसने यह भी दलील दी कि गिरिबाला सिंह ने जांच में सहयोग किया है। उसने कहा कि हिरासत के दौरान उनके घर में चोरी हुई तथा उन्हें नियमित वेतन और युद्ध वीरांगना पेंशन मिलती है, इसलिए दहेज मांगने का आरोप तर्कसंगत नहीं है। सीबीआई ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि केवल महिला होना जमानत का आधार नहीं हो सकता, खासकर तब जब मृतका भी एक महिला थी।

वॉयस सैंपल देने से इनकार किया

जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 27 मई को भोपाल की एक अधीनस्थ अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया था। सीबीआई ने यह भी कहा कि जांच के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपना वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया। जांच एजेंसी के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने मामले से जुड़े एक सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून संचालक से संपर्क कर जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया तथा सीसीटीवी फुटेज हासिल करने के लिए एक निजी प्रतिनिधि भी भेजा था।

सीबीआई ने आशंका जताई कि अगर आरोपी को जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं, साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती हैं या जांच में बाधा डाल सकती हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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